गर्मी का कहर लगातार: दौर बदला..., लेकिन मटके और सुराही की ठंडक आज भी बरकरार
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घर के एक कोने में रखा मिट्टी का घड़ा या सुराही स्टेटस सिंबल के तौर पर भी देखा जाने लगा है। ऐसे में मटके बनाने वाले कारीगर इन्हें खूबसूरत और फैशनबल बना रहे हैं।
साधारण मटकों के साथ अब अलग स्टाइल और डिजाइन वाले घड़े व सुराही भी बाजार में उपलब्ध हैं। टोंटी वाले और कैंफर जैसे आकार वाले घड़े भी बाजार में हैं। खास बात यह है कि कलरफुल और पेंटिंग वाले मटके भी आप ऑर्डर देकर बनवा सकते हैं। इसके लिए आपको साढ़े तीन सौ से पांच सौ रुपये खर्च करने होंगे।
ये हैं कीमत
साधारण मटका -100 से 120 रुपये
टोंटी वाला मटका -150 रुपये तक
डिजाइनर मटका -250 से 400 रुपये
पेंटिंग वाला मटका- 350 से 500 रुपये
सुराही - 150 से 450 तक
फायदेमंद है मटके का पानी
मिट्टी में क्षारीय गुण मौजूद होते हैं। मिट्टी के घड़े में पानी रखने से वह क्षारीय अम्लता के साथ प्रभावित होकर उचित पीएच प्रदान करता है। यह पानी सेहत के लिए फायदेमंद है। इसे पीने से एसिडिटी और पेट दर्द में राहत मिलती है। मटके का पानी पीने से कब्ज, एसिडिटी और गला खराब होने जैसी समस्याएं नहीं होतीं।
इन बातों का रखें ध्यान
-मटके से पानी निकालने के लिए साफ बर्तन का उपयोग करें।
-घड़े को पानी भरने के बाद नमी वाले और ऊंचाई वाले स्थान पर रखें।
-पानी शीतल रहे इसके लिए घड़े के ऊपर जूट या सूती कपड़ा लपेट दें।
-घड़े को हमेशा ढककर रखें।