मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुकतीर्थ के नाम पर संतों को विकास की घुट्टी पिला गए। उन्होंने बड़ी चतुरता से क्रमिक विकास की बात करते हुए फिलहाल कोई एलान तो नहीं किया, लेकिन पीठ के संरक्षक स्वामी ओमानंद को आश्वस्त किया कि जो भाव उनके हैं वही भावना मेरी भी है। शुकतीर्थ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा। आगे एक्सक्लूसिव तस्वीरों के साथ पढ़िए पूरा अपडेट-
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मंच पर अन्य नेताओं के साथ सीएम योगी
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शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने मुख्यमंत्री योगी के समक्ष गंगा की धारा शुकतीर्थ तक लाने, शुकतीर्थ से वाया लक्सर-हरिद्वार तक सड़क मार्ग का उच्चीकरण कराने और दि किसान गंगा सहकारी चीनी मिल मोरना का विस्तार कराने की मांग रखी।
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सीएम योगी दौरा
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स्वामी ओमानंद चाहते थे कि सीएम इन प्रस्तावों के संबंध में घोषणा करके जाएं। स्वामी ओमानंद इसलिए यहां की विकास से जुड़ी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष पूरी मजबूती के साथ रखा।
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गाय को लड्डू खिलाते सीएम योगी
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स्वामी ओमानंद ने कहा कि वह शुकतीर्थ को गोद ले लें और विश्व पटल पर पहुंचाएं। यहां से श्रद्धालु बिना गंगा स्नान किए जाते हैं। गंगा की मुख्य धारा कभी आश्रम से सटकर बहती थी, आज बहुत दूर है। कहा कि गंगा की स्थिति को देखें और इसका सुधार कर भगीरथ बन जाएं। हरिद्वार की तरह एक धारा शुकतीर्थ घाट तक लाई जाए। वह अपने लिए कुछ नहीं मांग रहे। लोकहित से बढ़कर कुछ नहीं होता। आप राजा हैं और जनता के ऋणी हैं। इसलिए इस ऋण को चुकाना आपका धर्म है।
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खाने खाते सीएम योगी
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स्वामी ओमानंद ने यहां तक चेतावनी दे दी कि यदि सीएम ने इन कार्यों के संबंध में घोषणा नहीं की, तो वे लखनऊ आकर धरना दे देंगे। इस पर सीएम ने बड़ी चतुराई के साथ शुकतीर्थ के विकास का वादा तो किया, लेकिन सीधे तौर पर कोई घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि विकास का एक निश्चित क्रम होता है। आज जिन कार्यों के शिलान्यास हुए हैं उनकी घोषणा मंचों से नहीं की गई थी। वह घोषणा करने में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास करते हैं। जो भाव स्वामी ओमानंद के हैं वही भावना उनकी भी है।