'आजाद' होते ही बोले चंद्रशेखर, 'हिंसा का समर्थन नहीं करती भीम आर्मी, लड़ाने वालों से रहें सावधान
करीब 20 मिनट के संबोधन में चंद्रशेखर ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कहा कि बाबा साहब, मुल्ला पेरियार, महात्मा ज्योतिबा फूले उनके आदर्श हैं। जहां भी समाज के वंचितों और दबे कुचले वर्गों का शोषण होगा वहां भीम आर्मी सीना तान कर विरोध में खड़ी होगी। चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दलितों, अल्पसंख्यकों और पिछड़ा वर्ग पर अत्याचार हो रहा है। इसे खत्म करने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। भले ही भाजपा सरकार इसमें कितना भी अड़ंगा क्यों ना लगा ले। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमें आपस में लड़ाने का काम कर कर रहे हैं। ऐसे लोगों की साजिशों से हमें सावधान रहना होगा। चंद्रशेखर ने मंगलवार को भीम आर्मी के प्रदेश संयोजकों की लिस्ट जारी करने की बात कही। कहा कि जो भी भीम आर्मी से जुड़ना चाहता है वह अपने प्रदेश संयोजक से बात कर ले। उन्होंने संविधान के दायरे में रहकर समाज के लिए कार्य करने की बात की। उन्होंने कहा कि देश भर में संगठन को मजबूत किया जाएगा, ताकि कहीं भी किसी भी स्तर पर किसी का उत्पीड़न न हो सके। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई स्वर्ण समाज से नहीं बल्कि दलित विरोधी मानसिकता से है।
रात में उमर खालिद ने की चंद्रशेखर से गुफ्तगू
जेएनयू की छात्र राजनीति से देश भर में चर्चित हुए छात्र नेता उमर खालिद ने रविवार की रात छुटमलपुर पहुंचकर चंद्रशेखर से भेंट की। इस दौरान उनके साथ 20 से ज्यादा छात्र मौजूद रहे। करीब पौना घंटा तक चंद्रशेखर से बात करने के बाद रात में ही उमर खालिद दिल्ली के लिए निकल गए। रविवार रात पौने 11 बजे जेएनयू की छात्र राजनीति से सुर्खियों में आए छात्र नेता उमर खालिद अपने बीस से ज्यादा साथियों के साथ चंद्रशेखर से मिलने उनके घर पहुंचे। दोनों युवाओं ने गर्मजोशी के साथ एक दूसरे के गले मिल कर अपनत्व जताया। साथ ही दोनों ने सेल्फी भी ली। उन्होंने चंद्रशेखर को रिहाई के लिए शुभकामनाएं दी। इस दौरान जेएनयू में हुए छात्र संघ चुनाव में वामपंथी पैनल की जीत पर भी दोनों के बीच चर्चा हुई। पौना घंटा तक चंद्रशेखर के आवास पर रुके उमर खालिद ने आधा घंटा तक उनसे एकांत में बातें की। इसके बाद वे करीब साढे़ 11 बजे अपने साथियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए। रात दस बजे ही बसपा सरकार में काबीना मंत्री रहे दद्दू सिंह ने भी हरिजन कालोनी पहुंच चंद्रशेखर से मुलाकात की। सोमवार की दुपहर हरियाणा कैडर के पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी ने भी छुटमलपुर पहुंचकर चंद्रशेखर से भेंट की। आधा घंटा तक रुके दारापुरी ने चंद्रशेखर के साथ उसके संगठन और दूसरे मुद्दों पर बातचीत की।
चंद्रशेखर के घर लग रहा मिलने वालों का तांता
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप