सीसीएसयू की छात्रा का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस की जांच जारी है। पीड़िता सोमवार को भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। उसका मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार चल रहा है। वहीं, छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्हें इस मामले में इंसाफ चाहिए।
अपहरण व दुष्कर्म का मामला: बोलने की स्थिति में नहीं छात्रा, परिजनों ने आईजी व एसएसपी से मांगा इंसाफ
मामला गढ़ मुक्तेश्वर निवासी एक व्यापारी की बेटी से जुड़ा है। सीसीएसयू की इस छात्रा के साथ गुरुवार को घटना होना बताया गया था। छात्रा के सिर और चेहरे पर काफी चोट लगी है, जिसके चलते वह घटना के बाद से बोलने की स्थिति में नहीं है। छात्रा के पिता ने प्रियांश निवासी चांदपुर पूठी, थाना स्याना बुलंदशहर, आकाश, सुमित और सोनी निवासी हापुड़ को नामजद कराया था, जो पुलिस हिरासत में हैं।
पुलिस का दावा है कि मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। मुख्य आरोपी प्रियांश छात्रा को पहले से जानता था। पुलिस ने मोबाइल की सीडीआर भी निकाली है। वहीं, छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए शनिवार को मेरठ में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन किया था। विवि कैंपस बंद कराकर वहां से सर्किट हाउस तक पैदल मार्च निकाला था और आईजी ऑफिस के सामने दो घंटे तक जाम लगाकर धरना प्रदर्शन किया था।
मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में छात्रा की सुरक्षा में दो महिला कांस्टेबल समेत चार पुलिसकर्मी तैनात हैं। रविवार को छात्रा के पिता और भाई ने बिलखते हुए कहा कि कि कौन चाहेगा कि उनकी बेटी की बदनामी हो। लेकिन पुलिस उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। लड़की के चेहरे और सिर पर चोट लगी है। पुलिस अधिकारियों को सोच समझकर बयान देना चाहिए था कि छात्रा को चोट बाइक से गिरकर लगी है।
बहन को बनाया था बंधक
छात्रा के परिजनों ने रविवार को दावा किया कि जब गुरुवार देर शाम जब वह गढ़ मुक्तेश्वर थाने में पहुंचे तो उस समय एएसपी हापुड़ मीटिंग ले रहे थे। उन्होंने बताया कि छात्रा घर नहीं पहुंची और उसके साथ अनहोनी का डर है। जिसके बाद इंस्पेक्टर गढ़ और एसएसआई को भेजा गया। परिजनों ने बताया कि हम साथ थे। जब पुलिस ने बताया कि छात्रा की लोकेशन स्याना के चांदपुर पूठी गांव में आ रही है तो हमने एक युवक प्रियांश का नाम पुलिस को बताया था।
परिजनों के अनुसार उसके बाद प्रियांश का नंबर लेकर कॉल कर पूछा कि हमारी बहन कहां है। इस पर आरोपी प्रियांश ने कहा कि मुझे कुछ नहीं पता कि वह कहां है। परिजनों ने कहा कि छात्रा को गढ़ से तीन किमी दूर चोट लगनी बताई गई। लेकिन आरोपी गढ़ से 20 किमी दूर स्याना क्षेत्र के चांदपुर पूठी गांव में क्यों ले गए। यदि चोट लगी होती तो हमें बताते और गढ़ में भर्ती कराते। स्याना के निजी डॉक्टर को क्यों ले गए। छात्रा के भाई ने आरोप लगाया कि बहन ने मौके पर भी चारों युवकों का नाम लेकर कहा था कि मेरे साथ गलत काम हुआ और मुझे पीटा गया। उसकी बहन को बंधक बनाकर रखा गया था। मकान के नीचे आरोपी की मां और एक व्यक्ति मौजूद था।