टैक्स चोरी पकड़ने वाले ही जब भ्रष्टाचार पर उतर आएं तो फिर सुधार कैसे होगा। अधीक्षक विकास कुमार चौधरी के रिश्वत मामले में पकड़े जाने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित अजय कुमार ने बताया कि रिश्वत लेते ही अधीक्षक ने कहा था कि अब वह सब संभाल लेगा। अगली स्लाइडों में छापेमारी की तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
सीबीआई का छापा और ये तस्वीरें... ऐसे हुआ था पांच लाख में सौदा, अब खुली अधीक्षक की पोल
अजय की मानें तो केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) ऑडिट अधीक्षक विकास कुमार चौधरी 22 अगस्त से उन पर रिश्वत देने का दबाव बना रहा था। 28 अगस्त को उसने दफ्तर बुलाया था और कहा कि चार साल का ऑडिट है, दो लाख रुपये हर साल के हिसाब से देने होंगे। 31 अगस्त को ऑडिट होगा। तुम्हारे जो कागज हैं वह सब फर्जी हैं। ठेकेदार ने मान मनौव्वल की, मगर बात नहीं बनी। 31 को अजय सीजीएसटी दफ्तर नहीं आया। अधीक्षक ने उसे फोन किए। आठ सितंबर को पांच लाख रुपये पर बात तय हुई।
अजय ने बताया कि उसने इस बीच पता किया कि अधीक्षक को कैसे रंगे हाथों पकड़वाया जा सकता है। तब उसने सीबीआई गाजियाबाद से संपर्क किया और 11 सितंबर को जाकर उसने लिखित शिकायत की। सीबीआई ने उसे जेब में रखने के लिए एक रिकॉर्डर दिया। गुरुवार सुबह वह सीजीएसटी दफ्तर पहुंचा और विकास से मिला। उसे शाम को ऑफिस बंद होने के बाद बुलाया था, जिससे कि बाकी लोग न रहें।
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शाम चार बजे के बाद विकास ने उसे फोन कर कहा कि कहां रह गए तो अजय ने बताया कि वह जाम में फंस गया है। अजय शाम करीब साढ़े पांच बजे दफ्तर पहुंचा। उसके पास दो-दो हजार रुपये के तीन लाख रुपये थे। वह दफ्तर में ग्राउंड फ्लोर पर पैसे देने लगा तो आरोपी उसे अपने कमरे 222 में ले गया। उसने कहा कि बताओ कितने लाए हो। इस पर ठेकेदार ने कहा कि जितने आपने मांगे थे, उतने ही लाया हूं। दराज में पैसे रखवाए और चले जाने को कहा। इसके बाद उसने नीचे आकर 5:43 बजे सीबीआई को फोन किया। सीबीआई पहुंची और अधीक्षक को पकड़ लिया और पैसे बरामद कर लिए। विकास मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।
बाथरूम से बरामद हुई रकम
आरोपी ने रिश्वत लेने से इंकार किया तो टीम ने वीडियो कैमरे के सामने उसके हाथ पानी में डलवाए तो उसके हाथों पर लगा रंग पानी में घुल गया। उनकी निशानदेही पर बाथरूम में लगे बिजली के स्विच बोर्ड के पीछे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई। देर रात तक आरोपी से दफ्तर में ही पूछताछ की जा रही थी। सीबीआई ने आरोपी की पत्नी को भी दफ्तर बुलाया और बाद में छानबीन के लिए कंकरखेड़ा स्थित उनके आवास पर गई। टीम ने मौके से कुछ फाइलें भी जांच के लिए जब्त की हैं। सीबीआई अधीक्षक की चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड भी खंगालेगी। सीबीआई देर रात 1:30 बजे तक दस्तावेज खंगाल रही थी। वहीं, विभागीय कर्मचारी सुबह से देर रात तक ऑडिट विभाग में मौजूद रहे।
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