मुरादनगर गंगनहर कांवड़ मार्ग पर खड़ी दुर्घटनाग्रस्त वैगनआर और होंडा सिटी कार ही शनिवार रात बड़े हादसे का सबब बन गईं। कुछ घंटे पहले ही आपस में भिड़ी यह कारें गंगनहर पटरी के बीचों बीच खड़ी होने के कारण कोहरे में एक्सयूवी चला रहे निशांत को नहीं दिखीं। एसयूवी वैगनआर कार में टकराई और जोर की आवाज के साथ उछलकर साइड वॉल तोड़ते हुए गंगनहर में जा गिरी। आगे जानें आखिर कैसे दो युवतियों सहित चार लोग नहर में गिरकर मौत के मुंह में समा गए-
गंगनहर पटरी पर खड़ी कार बन गई काल, बेटे निशांत के साथ डूब गए परिवार के अरमान
शनिवार रात एक एक्सयूवी तेज रफ्तार कार अचानक नहर में समा गई। कार में छह युवक युवतियां सवार थे। हादसे के तुरंत बाद दो युवक तैरकर सुरक्षित निकल आए लेकिन अन्य चार नहर में ही समा गए।
बताया गया था कि गंगनहर पटरी पर एक एक्सीडेंट होने के बाद दो क्षतिग्रस्त कारें बीच सड़क पर ही खड़ी थीं। एक्सयूवी चला रहे निशांत को ये कारें नहीं दिखीं और कार टकराकर नहर में जा गिरी। अगर पहले से खड़ी कारें हटा दी गई होतीं तो यह घटना नहीं होती। वहीं पुलिस एक्सयूवी की रफ्तार तेज होने को हादसे का कारण मान रही है।
हादसे में बचे अनमोल व हर्षित का कहना है कि कार से टक्कर के बाद एक्सयूवी सड़क किनारे साइड वॉल को तोड़कर हवा में उछलकर नहर में जा गिरी। नहर में गिरते ही कार में सवार छात्र-छात्राओं में चीख-पुकार मच गई।
हर्षित व अनमोल ने बताया कि कार को निशांत चला रहा था। कार किसकी है, उन्हें यह पता नहीं है। दोनों का कहना है कि गंगनहर होने के कारण कांवड़ मार्ग पर कोहरा था। कार की स्पीड तेज थी और कोहरे में एकाएक वैगनआर कार दिखाई दी तो कार से निशांत का बैलेंस बिगड़ गया। तमाम कोशिश के बाद भी एक्सयूवी वैगनआर से टकराकर अनियंत्रित हो गई और हादसा हो गया।
पुलिसकर्मी व कार सवार लोग भी बचे : तेज रफ्तार एक्सयूवी कार को देखकर क्षतिग्रस्त कारों के पास खड़े पुलिसकर्मी व कार सवार दौड़कर सड़क से दूर भागे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी व कार सवार समय रहते सड़क से न हटते तो कई अन्य लोगों के साथ भी घटना हो सकती थी। एक्सयूवी के नहर में गिरने के बाद अफरा-तफरी मच गई।
रिकॉर्ड समय में शुरू हुआ रेस्क्यू फिर भी नहीं मिली सफलता
गंगनहर पटरी पर हुआ हादसा पुलिस के सामने ही हुआ। पुलिस ने तत्काल अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसी बीच एक सिपाही पास के अबूपुर गांव से गोताखोर एहसान की टीम के गोताखोर यूनुस व बाबू को लेकर आया।
वहीं, एनडीआरएफ की टीम ने भी रिकॉर्ड समय में मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कर दिया। लेकिन इसके बावजूद पानी में बहे चारों लोगों में से किसी का सुराग नहीं लग सका। शुरू में यह लगा कि एक्सयूवी में कोई परिवार है, लेकिन अनमोल और हर्षित के बाहर आने पर घटना का पता चला।