बुलंदशहर बवाल में एसटीएफ और पुलिस के रडार पर अब तीन दोस्त आ गए हैं। इनमें दो के नाम मुकेश और गौरव हैं। पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों ही युवक बवाल के वक्त सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दिखाई पड़ रहे हैं। घटना के बाद से दोनों अपने तीसरे दोस्त के साथ फरार हैं।
इनकी गिरफ्तारी के लिए बुलंदशहर क्राइम ब्रांच, एसटीएफ नोएडा और एसटीएफ मेरठ यूनिट की टीम ने जाल बिछा रखा है। बुधवार देररात हापुड़ के बाबूगढ़ में भी एक आरोपी की तलाश में दबिश दी गई, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
तीन दिसंबर को हुए बवाल में इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी, बवाल में चिंगरावठी निवासी सुमित भी गोली लगने से मारा गया। बवाल में मौके पर महाव निवासी जितेंद्र उर्फ फौजी भी था, सेना ने फौजी को एसटीएफ मेरठ को सौंप दिया था। फौजी से पूछताछ में एसटीएफ और एसआईटी को कई अन्य महत्वपूर्ण नाम मिले थे। जिनमें सामने आया कि तीन दोस्तों में एक नाम ऐसा है, जिस पर पुलिस को संदेह है कि उसी युवक ने इंस्पेक्टर की गोली मारकर हत्या की।
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बुलंदशहर में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
एक अधिकारी की मानें तो कई नाम सामने आए हैं। एसआईटी इसकी जांच कर रही है। जैसे-जैसे नाम सामने आ रहे हैं, विवेचना में साक्ष्यों के आधार पर पर अन्य लोगों के भी नाम बढ़ाए जा रहे हैं। यह भी बताया गया है कि तीन दिसंबर की दोपहर से ही मुकेश और गौरव फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगी हैं। तीसरे युवक की गिरफ्तारी से खुलासा हो जाएगा कि इंस्पेक्टर को गोली किसने मारी थी।
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बुलंदशहर में बवाल
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होमगार्ड ने किया फायर
बुलंदशहर बवाल की दर्ज एफआईआर के आधार पर एसआईटी मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर रही है। सामने आया कि इंस्पेक्टर सुबोध गोकशी की सूचना पर महाव गांव के जंगल में पहुंचे थे। दोपहर 1:35 बजे भीड़ हिंसक हो गई। चिंगरावठी पुलिस चौकी पर जाम लगाकर बवाल शुरू कर दिया। उपद्रव के दौरान इंस्पेक्टर को गोली लगी थी। सीओ स्याना एसपी शर्मा को भीड़ ने चौकी में बंद कर आगजनी कर दी थी।