भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण ने अमर उजाला से खासचीत में कहा, बसपा सुप्रीमो मायावती मेरी बुआ हैं। वह उनका पूरा सम्मान करते हैं। व्यक्तिगत रूप से उनकी कोई लड़ाई नहीं है। बुआ ने लंबे संघर्ष के साथ समाज के लिए बहुत कुछ किया है। मैं अपना काम कर रहा हूं। वो अपना काम कर रही हैं। भीम आर्मी किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं है। यह देश सबका है। सब सम्मान और प्यार से रहकर सामाजिक ढांचे को मजबूत बनाएं। भाजपा को लेकर कही ये बड़ी बातें:-
'रावण' बोला- मायावती मेरी बुआ, भाजपा को दिखाई आंखें, कह डाली ये 5 बड़ी बातें
जब रावण से पूछा गया कि रासुका में अवधि से पहले योगी सरकार के रिहा कराने के फैसले को किस रुप में लेते हैं? तो मैं रावण ने जबाव दिया कि वजह कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि उनकी दिली इच्छा हुई तो उठाकर बंद कर दिया था, उनकी इच्छा हुई छोड़ दिया। मैं तो सरकार का अंग नहीं हूं, आम आदमी हूं। जब आदमी तानाशाह हो जाता है तो उसका जो मन आता है करता है। एससी एसटी एक्ट पर पूरा सवर्ण समाज विरोधी हो गया तो भाजपा सरकार ने सोचा कि दलित को रिझाने के लिए चंद्रशेखर को रिहा कर दो। ताकि दलितों को गुमराह कर उनका वोट हासिल किया जा सके। सरकार ने सोचा कि रावण को नवंबर में तो बाहर आना ही है। ऐसे में अभी रिहा करके दलितों को रिझा लो। हो सकता है कि उन्हें बाहर लाकर फिर से फंसा दिया जाए। उनकी मंशा तो वो ही जाने।
इसके बाद जब भीम आर्मी संगठन के बारे में पूछा गया कि यह अराजनैतिक रहेगी या फिर चुनाव लड़ेगी ? तो चंद्रशेखर ने जवाब कि भीम आर्मी पूरी तरह अराजनैतिक रहेगी। आगामी चुनाव में यदि मजबूत गठबंधन होता है तो भाजपा को हराने के लिए वह तत्पर खड़े रहेंगे। किसी भी सूरत में भाजपा को सत्ता में 2019 में वापसी नहीं करने देंगे। उनकी तो घर वापसी करा देंगे। भाजपा का मंत्रिमंडल और हमारे विश्वसनीय नेता मोदी जी बेचारे थक गए हैं। पांच साल बहुत काम किया है। उन्हें आराम की जरूरत है। नागरिक होने के चलते उनका दायित्व बनता है कि उन्हें आराम देने का काम करें। 5 साल आराम करें, फिर देख लेंगे दोबारा। भाजपा में दो मुंह वाले सांप ज्यादा हैं। ऐसी सत्ता पहली बार आई है, जिसने समाज को सबसे ज्यादा कमजोर किया है।
वहीं रावण से पूछा गया कि सियासी गलियारों में आपके चुनाव लड़ने का शोर है। क्या चुनाव लड़ने का प्लान है ? तो रावण ने जवाब दिया कि चुनाव लड़ने की कोई तैयारी नहीं है। भीम आर्मी कोई प्रत्याशी खड़ा नहीं करेगी। भीम आर्मी जल्द ही अपनी रणनीति तय कर सार्वजनिक करेगी। देश भर में मजबूत संगठन बनाने के साथ बहुजन समाज को जागरूक करने के लिए रैली और सभाएं आयोजित की जाएंगी। स्वर्गीय कांशीराम ने कहा कि वोट का अधिकार बिकने के लिए नहीं गुलामी से मुक्ति के लिए मिला है। बाबा साहेब ने भी संसद का रास्ता दिखाया है। बहुजन समाज के लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में संसद पहुंचाने का काम किया जाएगा।
उनसे से पूछा गया कि बसपा से रिश्तों को लेकर भीम आर्मी का क्या नजरिया रहेगा ? जवाब में रावण ने कहा कि बसपा बहुजन समाज की पार्टी है। बसपा प्रमुख मायावती मेरी बुआ हैं। वह उनका पूरा सम्मान करते हैं। व्यक्तिगत रूप से उनकी कोई लड़ाई नहीं है। बुआ ने लंबे संघर्ष के साथ समाज के लिए बहुत कुछ किया है। मै अपना काम कर रहा हूं। वो अपना काम कर रही हैं। भीम आर्मी किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं है। यह देश सबका है। सब सम्मान और प्यार से रहकर सामाजिक ढांचे को मजबूत बनाएं।