असम के कोकराझार में पुलिस कस्टडी में उग्रवादी हमले में दो लाख का इनामी गो-तस्कर अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान मारा गया। चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। असम पुलिस ने अकबर का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी कनेक्शन बताया है। दावा है कि गो-तस्करी की कमाई का इस्तेमाल आतंकी संगठनों को फंडिंग के लिए भी होता है।
अकबर बंजारा का आईएसआई कनेक्शन: असम पुलिस ने किए कई बड़े खुलासे, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लगाई गो-तस्करी की कमाई
गैंगस्टर एक्ट लगाने की चल रही थी तैयारी
मेरठ पुलिस गो-तस्कर अकबर बंजारा की गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्त करने की तैयारी में थी। पुलिस ने आयकर विभाग को भी चिट्ठी लिखी है ताकि उसकी संपत्ति की जांच कराई जा सके। पुलिस ने बताया कि अकबर बंजारा गोकशी कर असम से बंगलादेश में मीट सप्लाई करता था। फलावदा स्थित बंजारन मोहल्ले में अकबर बंजारा परिवार के साथ करीब 15 साल से रह रहा था।
हुंडियों और सोने के रूप में लेनदेन
अकबर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय के रास्ते बांग्लादेश तक गो-तस्करी का नेटवर्क फैला चुका था। इससे होने वाली काली कमाई का बड़ा हिस्सा आईएसआई और एनडीएफबी, केएलओ, कोकराझार, चिरांग, बक्सा और मेघया के कुछ कट्टरपंथी संगठनों को मिल रहा है। असम पुलिस का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क हुंडियों और सोने के रूप में भी लेनदेन करता है। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की।
गो-तस्करी की कमाई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लगाई
असम पुलिस ने दावा किया है कि गो-तस्करी से होने वाली अवैध कमाई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लगाई जा रही थी। यह नेटवर्क देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता का विषय है। अकबर और सलमान से पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि गोस्तकरी, टेरर फंडिंग और आईएसआई के लिंक की गहन जांच में कुछ और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
पुलिस हिरासत में हुआ हमला
गो-तस्कर अकबर बंजारा और उसके भाई सलमान को असम पुलिस बी-वारंट में असम लेकर गई थी। असम पुलिस की हिरासत के दौरान ही हमला हुआ और अकबर व सलमान मारे गए। - केशव कुमार, एसपी देहात