जब अचानक मेरठ छावनी पहुंचे थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, जवानों के साथ बिताया वक्त
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जनरल बिपिन रावत ने पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें सेना की ओर से उनके कल्याण के लिए किए जा रहे कल्याणकारी कार्यों को पूरी ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता से जारी रखने का भरोसा जताया। सेनाध्यक्ष के साथ वेस्टर्न कमांड के जीओसी-एन-सी लेफ्टिनेंट जनरल सुरिंदर सिंह एवीएसएम, वीएसएम, एडीसी भी मौजूद रहे। सेनाध्यक्ष ने फॉर्मेशन को उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से दृढ़ता से निपटने के लिए तैयार करने को कहा।
थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत शनिवार को करीब साढ़े पांच घंटे मेरठ छावनी में रहे। इस दौरान उन्होंने युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाली डिविजन के अफसरों और जवानों के कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण में सेना की तैयारी इस कदर मुस्तैद दिखी कि दुश्मन को किसी भी स्थिति में मुंह तोड़ जवाब दिया जा सके। इस पर जनरल बिपिन रावत ने जवानों और अफसरों की सराहना की।
बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद मेरठ छावनी में यह पहला मौका रहा है, जब सेनाध्यक्ष बिपिन रावत समीक्षा करने के लिए पहुंचे। जनरल बिपिन रावत के दौरे से अफसर और जवान भी बेहद उत्साहित हैं। करीब साढ़े पांच घंटे छावनी में दौरे के दौरान उन्होंने साढ़े तीन घंटे से ज्यादा युद्ध संबंधी तैयारियों और सेना में दिए जा रहे विशेष प्रशिक्षण के बारे में बात की। उन्होंने अफसरों से कई विशेष प्लान को लेकर गोपनीय बातचीत की। सुबह नौ बजकर 50 मिनट पर थल सेनाध्यक्ष छावनी पहुंचे।
पूर्व सैनिकों का देश के लिए बड़ा योगदान : रावत
थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने पूर्व वेटरेंस से भी मुलाकात की। कहा कि सेना में रहते हुए तो इन सैनिकों ने देश की सुरक्षा में अहम योगदान दिया ही। अब भी ये वीर देश हित में अपना पूरा योगदान दे रहे हैं। सेना शहीदों के परिवारों और उनके द्वारा दिए गए योगदान के प्रति हमेशा ऋणी रहेगी। जनरल बिपिन रावत ने पूर्व सैनिकों के साथ भी समय बिताया।
इस दौरान उन्होंने ब्रिगेडियर रणबीर सिंह एवीएसएम वीआरसी, मेजर जनरल वीरेंद्र सिंह, मेजर जनरल एसएस अहलावत, लेफ्टिनेंट जनरल सतीश तलवार ब्रिगेडियर नगेंद्र सिंह, एसपी सिंह और विंग कमांडर शर्मा से काफी देर तक बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश में पूर्व सैनिक संगठन बेहद कल्याणकारी कार्य कर रहे हैं।
सेना में रहने के दौरान तो उन्होंने पूरा योगदान दिया ही। लेकिन अब भी देश के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। सेना उनके साथ है। उनकी समस्याओं को लेकर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इस दौरान वेटरेंस ने पुरानी यादें भी साझा कीं।