रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह के निधन पर पश्चिमी यूपी के दिग्गज नेताओं ने दुख जताया है। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा, लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह देश में किसानों के बड़े नेता थे। उनकी मृत्यु से राष्ट्र के किसान व मजदूरों को हानि पहुंची है। जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। आज हम सब उनके ना रहने से दुखी है। दिवंगत आत्मा के प्रति परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि चौधरी साहब को अपने चरणों में स्थान दे व उनके जाने से क्षेत्रवासियों व देशवासियों को जो कष्ट हुआ है। उस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
दिलों में अजित सिंह: दिग्गज नेताओं ने निधन पर जताया दुख, पश्चिमी यूपी में दौड़ी शोक की लहर, पढ़िए उनसे जुड़े अनसुने किस्से
मुजफ्फरनगर में चौधरी अजित सिंह के निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा शोक व्याप्त है। कार्यकर्ताओं ने सर्कुलर रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर शोक सभा कर चौधरी अजित सिंह को भावपूर्ण स्मरण करके श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको भावपूर्ण स्मरण किया। जिला रालोद कार्यालय पर पार्टी के जिलाध्यक्ष अजीत राठी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, सुधीर चौधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय राठी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किसानों के सच्चे हमदर्द थे चौधरी अजीत सिंह
रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह के निधन से बिजनौर में पार्टी कार्यकर्ताओं और किसानों में रोष है। चौधरी अजित सिंह के हमेशा साथ रहे पूर्व विधायक चौधरी सुखबीर सिंह ने कहा कि चौधरी साहब के निधन से वह स्तब्ध है। चौधरी अजित सिंह ने संसद से लेकर सड़क तक किसानों की लड़ाई लड़ी। उनकी सोच बहुत बड़ी थी। किसानों के लिए चिंतन रहते थे। कृषि को उद्योग का दर्जा देने के लिए कई बड़े काम चौधरी साहब ने किए। गरीब मजदूर या किसानों की लड़ाई लड़ने में भी पीछे नहीं रहे। उनके निधन से किसानों को बहुत क्षति हुई है। चौधरी साहब की भरपाई कर पाना बड़ा मुश्किल है।
किसान राजनीति का एक युग है अजित सिंह का जीवन
राष्ट्रीय लोकदल के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव अशोक चौधरी का कहना है कि चौधरी अजित सिंह ने किसानों व मजदूरों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने गन्ने से लेकर आरक्षण तक की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ी। कृषि बिलों के विरोध में भी जीवन के अंतिम पड़ाव पर चौधरी साहब ने किसानों के साथ खड़ा होकर उनका मार्गदर्शन किया। चौधरी अजित सिंह के निधन से किसान राजनीति के एक युग का अंत जैसा है। चौधरी अजित सिंह द्वारा किसानों के लिए किए गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तमाम शुगर मिल उन्हीं की देन मानी जाती है।
मुजफ्फरनगर से पीजेंट वेलफेयर एसोसिएसन के प्रमुख नेता अशोक बालियान व सुभाष चौधरी ने किसान नेता चौधरी अजित सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि उनका निधन देश के लिए एक बड़ी क्षति है। पिछले कुछ दिन से कोरोना संक्रमण से जूझ रहे चौधरी अजित सिंह गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती थे। जहां आज उनका निधन हो गया है। चौधरी अजित सिंह के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
किसानों और ग्रामीण जगत की बड़ी आवाज चली गई: सोमपाल शास्त्री
मेरठ से पूर्व केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री सोमपाल शास्त्री ने चौधरी अजित सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि चौधरी अजित सिंह किसानों और ग्रामीण जगत की एक बड़ी आवाज थे, जो चली गई। इससे किसान राजनीति को बड़ा धक्का लगा है। वे कई दिन से लोगों से उनके स्वास्थ्य का पता कर रहे थे। जयंत चौधरी का फोन बंद आने से बात नहीं हो सकी थी। चौधरी साहब ने ताउम्र किसानों और ग्रामीणों की लड़ाई लड़ी। उनके जाने से किसान राजनीति को गहरा धक्का लगा है।