मेरठ में अधिवक्ता ओमकार सिंह तोमर की आत्महत्या के मामले में नामजद भाजपा विधायक दिनेश खटीक सहित 14 आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को बेगमपुल पर मानव श्रंखला बनाकर रोष जताया। करीब दस मिनट बाद एसीएम को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने एलान किया है कि एक मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में काम नहीं करेंगे।
बड़े आंदोलन की तैयारी में पश्चिमी यूपी के वकील, अधिवक्ता हत्या मामले में भाजपा विधायक के खिलाफ बढ रहा आक्रोश
अधिवक्ताओं का आरोप है कि सत्ताधारी विधायक के दबाव में पुलिस प्रशासन एक भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रहा है। शुक्रवार सुबह 11 बजे मेरठ एवं जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में अधिवक्ताओं ने सभा की, जिसमें सहमति बनने के बाद अधिवक्ता कचहरी से पैदल ही बेगमपुल चौराहा पहुंचे। मानव शृंखला के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के चलते एसपी सिटी और एडीएम सिटी, तीन सीओ और आठ थानों की पुलिस पहले से मौजूद थी।
तेज किया जाएगा आंदोलन
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीके शर्मा का कहना कि पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। अधिवक्ताओं ने कई बार पुलिस अधिकारियों से मिलकर अपनी मांग रखी है, इसके बावजूद कार्रवाई शून्य है।
अधिवक्ता एक मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में हड़ताल पर रहेंगे। सभी जिलों के अधिवक्ताओं की मेरठ कचहरी में बैठक कर आगे की रणनीति तैयार होगी। आंदोलन को तेज किया जाएगा। यदि कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की होगी।
पुलिस-प्रशासन नहीं समझ रहा गंभीरता
मानव शृंखला के चलते पुलिस-प्रशासन की पूरी तैयारी थी। लेकिन अधिवक्ताओं के शांतिपूर्वक कार्यक्रम के चलते अधिकारियों ने भी उनके सामने या फिर सड़क पर खड़े होने की जरूरत नहीं समझी। कचहरी से जब अधिवक्ता बेगमपुल के लिए निकले तो सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह उनके आगे-आगे रास्ते से लोगों को हटाते चलते रहे। सब कुछ शांतिपूर्वक रहा।
पुलिसकर्मियों में चर्चा रही कि ऐसे आंदोलन से कोई दिक्कत नहीं। वहीं, इसको लेकर अधिवक्ताओं में पुलिस अधिकारियों के प्रति नाराजगी भी दिखी। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना कि वह कोई बवाल नहीं करना चाहते हैं। अपने साथी को इंसाफ दिलाने के लिए वह शांतिपूर्वक अपनी मांग रख रहे हैं। लेकिन पुलिस-प्रशासन के अधिकारी इस मामले में गंभीर नहीं हैं।