मेरठ जनपद में लावड़ कस्बे के मोहल्ला पटायतान में एक छात्र खंभे में उतर रहे करंट की चपेट में आ गया। वहीं अन्य छात्रों ने सारिम के परिजनों को जानकारी दी। लेकिन तब तक सारिम की मौत हो चुकी थी। छात्र की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मेरठ: परिवार पर टूटा गमों का पहाड़, मासूम की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल, देखिए तस्वीरें
वहीं सारिम को करंट लगता देख उसके साथ मौजूद अन्य छात्र पीछे हट गए और भागकर उसके परिजनों को जानकारी दी। लेकिन, जब तक छात्र के परिजन पहुंचे सारिम की मौत हो चुकी थी। सारिम की मौत से घर में कोहराम मच गया। मां नगमा का रो-रोकर बुरा हाल था।
वहीं जानकारी मिलने पर आस-पड़ोस के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। लोगों का कहना है कि खंभे में दो दिन से करंट उतर रहा था। जिसको लेकर मौखिक रूप से स्थानीय कर्मचारियों से शिकायत की गई। लेकिन, शिकायत के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
आमने-सामने दो स्कूल, हो सकता था बड़ा हादसा
सारिम की जिस खंभे में करंट उतरने से मौत हुई। वहां, आमने-सामने दो स्कूल है। एक प्राइवेट स्कूल तो दूसरा प्राइमरी पाठशाला नंबर दो है। हालांकि, सारिम अन्य स्कूल में पढ़ता था। दो दिन से खंभे में करंट उतरा हुआ था। त्योहार के चलते दो दिन से स्कूलों की छुट्टी थी। जिस कारण बच्चे व शिक्षक-शिक्षिकाएं भी करंट की बात से अंजान थे। लोगों ने बताया कि सारिम के आने से पहले भी एक स्कूल के बच्चे काफी संख्या में वहां खड़े थे। जब सारिम वहां पहुंचा तो बच्चों को देखकर वह रुक गया। गनीमत यह रही कि बच्चों ने उस दौरान एक दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा, नहीं तो और बड़ा हादसा हो सकता था।
न अनुभव, न प्रमाण पत्र, फिर भी लाइनमैन
विद्युत विभाग में ठेके व संविदा पर रखे गए अधिकतर कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें न तो कोई अनुभव है न उनके पास कोई प्रमाण पत्र है। अधिकतर कर्मी तो ऐसे भी है, जो दसवी कक्षा की भी पढ़ाई नहीं कर सके। इसके बाद भी वह देहात क्षेत्र में लाइनमैन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। नियमानुसार ठेके व संविदा पर रखे गए कर्मी को अनुभव होना चाहिए। साथ ही आईटीआई से प्रमाण पत्र उसके पास होना चाहिए। लाइनमैन को अनुभव व प्रमाण पत्र न होने के कारण ही देहात क्षेत्र में आए दिन हादसे होते रहते हैं।
पूर्व में कस्बे में एक लाइनमैन की ट्रांसफार्मर पर कार्य करने के दौरान मौत हो गई थी। लेकिन, विद्युत विभाग इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है। विभाग बिना अनुभव वाले लोगों को लाइनमैन की जिम्मेदारी देकर उनके व ग्रामीणों की जान से खिलवाड़ कर रहा है।