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इस शिवलिंग की पांडवों ने 5000 वर्ष पूर्व की थी स्थापना, जानिए यहां का इतिहास

Thu, 23 Mar 2017 10:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अशोक सोम, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ अशोक सोम, मेरठ Updated Thu, 23 Mar 2017 10:14 PM IST
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5000 thousand years old is seen in this temple due to wishing
श्री महादेव मंदिर

सरधना के महाभारतकालीन इतिहास से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, सरधना नगर में वर्तमान में देवी मंदिर पर स्थित श्री महादेव मंदिर में कुंती पुत्र पांडवों ने आज से करीब साढ़े 5000 वर्ष पूर्व शिवलिंग की स्थापना की थी। मंदिर के पुजारी शंकर का कहना है कि दुर्योधन व पांडवों के बीच जब विवाद हो रहा था इसी दौरान दुर्योधन ने पांडवों को जिंदा दफन करने के लिए बरनावा में लाक्षाग्रह का निर्माण कराया था।

5000 thousand years old is seen in this temple due to wishing
शिवलिंग पर जलाभिषेक

​हस्तिनापुर से लाक्षागृह के लिए कुंती और पांडव पुत्र के रास्ते होते हुए बरनावा जा रहे थे इसी बीच सरधना में उन्हें शाम हो गई। सरधना के वनखंडी बन में उन्होंने रात्रि विश्राम किया। उस स्थान पर आज महादेव मंदिर बना हुआ है। रात्रि के समय कुंती को स्वपन दिखाई दिया जिस जगह आप जा रहे हो वहां तुम्हारे साथ बहुत बड़ी दुर्घटना होने वाली है। यदि आप इसी जगह पर शिवलिंग की स्थापना कर अपनी यात्रा का शुभारंभ करेंगे तो उस लाख से गृह में तुम्हारा बाल भी बांका नहीं होगा।

5000 thousand years old is seen in this temple due to wishing
पुजारी शंकर

कुंती ने यह जानकारी अपने पुत्रों को दी। पांडवों ने इसी जगह पर शिवलिंग की स्थापना की और अपनी मंजिल की तरफ बढ़े। कुंती को जो स्वप्न में दिखाई दिया वह हकीकत में बदलता चला गया। पांडुपुत्र वहां से सकुशल लौटे तो उन्होंने मंदिर में फिराकर जलाभिषेक किया है तभी से यहां प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है 40 दिन नित्य शिवलिंग पर जलाभिषेक करने वाले की भोलेनाथ हर मनोकामना पूरी करते हैं।

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