बच्चे को जरा सी चोट लगने पर मां बेहाल हो जाती है मगर यूपी के मैनपुरी स्थित बिछवां थाने के सामने हुई दुर्घटना में पांच साल की बेटी की मौत के बाद भी उसकी मां का दिल नहीं पसीजा। बेटी थाने के गेट पर तड़प रही थी मगर मां उसे देखने के लिए थाने से बाहर नहीं निकली। परिजन ने बेटी का वास्ता दिया मगर उसका दिल नहीं पिघला।
वो मां नहीं हो सकती: थाने में पत्नी को मनाता रहा पति, बाहर लहूलुहान पड़ी थी मासूम बेटी की लाश; चेहरा तक न देखा
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: विकास कुमार
Updated Tue, 04 Aug 2026 08:03 PM IST
सार
दो दिन से मां की लिए तड़प रही मासूम गुंजन थाने में मां को साथ ले जाने के लिए उम्मीद भरी नजरों से देख रही थी, उसे लग रहा था कि शायद अब उसे मां की गोद नसीब होगी। वह खुशी-खुशी मां के साथ घर जाएगी, मगर, मां घर चलने के लिए तैयार नहीं थी। सड़क के दूसरी ओर बैठे बच्ची के नाना के बुलाने पर सड़क पार करने लगी, तभी वाहन ने उसे चपेट में ले लिया, अंतिम वक्त में मासूम गुंजन को मां की गोद भी नसीब नहीं हो सकी।
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