निघासन निवासी दोनों बहनों की निर्दयता से हत्या कर दी गई। उनकी मां दोनों बेटियों को पढ़ा-लिखाकर शिक्षक बनाना चाहती थी। घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए दो भाई दिल्ली में मजदूरी करते हैं। बड़ी बेटी हाईस्कूल तो छोटी बेटी आठवीं में पढ़ती थी।
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निघासन में मिले दो बहनों के शव
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घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बिलखते हुए मां ने बताया कि एक बाइक पर तीन सवार आए। दोनों बहनों को खींचा। बेटियों को उनके चंगुल से छुड़ाने के लिए मां भिड़ी तो उसे धक्का दे दिया और भेड़ियों की तरह बाइक पर टांग ले गए।
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डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व एडीएम संजय सिंह निघासन पहुंचे
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घटना के करीब पौन घंटे बाद खेत में फंदे से लटकते हुए बेटियों के शव देख मां-बाप पछाड़ खाकर जमीन पर गिर गए। मृतका की मां ने बताया कि पास के गांव के तीनों आरोपी पड़ोस के एक घर में अक्सर आते-जाते थे और घर के आसपास चक्कर काटते थे। उसे उम्मीद न थी कि ऐसा भी हो सकता है।
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lakhimpur kheri case
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अनुसूचित जाति के परिवार का घर गांव के उत्तरी छोर पर घर है, जहां से गन्ने के खेत शुरू हो जाते हैं। गांव की बस्ती थोड़ी दूरी पर है। बुधवार की शाम को बेटियों का पिता धान काटने गया था। घर पर उसकी बीमार पत्नी और दो नाबालिग बेटियां थीं।
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मृतका की मां ने बताया कि शाम पांच बजे के करीब उनकी बड़ी बेटी (17) व छोटी बेटी (15) घर के बाहर लगी चारा मशीन पर जानवरों के लिए चारा काटने जा रही थीं कि तभी सफेद बाइक पर सवार तीन युवक दोनों बेटियों को दबोचकर बाइक पर बैठा ले गए। बिटिया को बचाने की कोशिश में उसे भी चोटें आईं।