कासगंज में हाईफ्लड लेवल पार कर उफनाई गंगा की धारा लगातार दूसरे दिन भी जिले में कहर बरपाती रही। सोमवार को जलस्तर हाईफ्लड लेवल से दस सेंटीमीटर ऊपर निकल गया। बाढ़ के पानी के तेज प्रवाह से शहवाजपुर-सुन्नगढ़ी मार्ग कट गया। इससे 30 से अधिक गांव का संपर्क कट गया है। उफनती गंगा की धार के कहर से ग्रामीण कराह उठे हैं। गंगा की बाढ़ से कई गांव की आबादी, खेती-बाड़ी और मार्ग प्रभावित हुए। लोग आवागमन के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। प्रशासन द्वारा मोटरबोट की मदद से राहत सामग्री भी बमुश्किल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही है।
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खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गंगा में नरौरा बैराज से सुबह तक तीन लाख क्यूसेक से अधिक का प्रवाह बना रहा। इससे गंगा की धारा लगातार उफना रही है। कछला ब्रिज पर गंगा का हाईफ्लड लेविल 162.91 मीटर के निशान पर रहा। दूसरे दिन सोमवार को भी हाईफ्लड लेवल से दस सेंटीमीटर रिकॉर्ड की गई। हाईफ्लड स्तर गंगा ने रविवार को ही पार कर लिया था और शाम के बाद यह धारा और उफान भरने लगी।
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कासगंज में बाढ़।
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रात करीब 10 बजे के बाद सुन्नगढ़ी-शहवाजपुर मार्ग में कटान शुरू हो गया। रात में ही कई मीटर सड़क बाढ़ के पानी से कट गई। इस सड़क के किनारे लगा विद्युत पोल भी धराशायी हो गया। सड़क काटकर उफनाती गंगा का पानी दूसरी ओर के ग्रामीण इलाके में पहुंच गया जिससे ग्रामीण घबरा गए। अचानक बने बाढ़ के हालात से बचाव के इंतजामों में जुट गए।
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कासगंज में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी तरह से बाढ़ का पानी तटीय इलाकों में कहर बरपा रहा है। पांच हजार हेक्टेयर से अधिक फसलें बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गईं। पूरे दिन बाढ़ का कहर गंगा के तटीय इलाकों में बना रहा। इससे ग्रामीणों के बीच बेचैनी के हालात बने रहे। अजीतनगर गांव में भी बाढ़ का पानी घुस गया। यहां बैलगाड़ी से लोग आवागमन करते देखे गए।
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कासगंज में बाढ़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सोरोंजी के लहरा इलाके में बाढ़ का पानी चारों ओर नजर आ रहा है। यहां वृद्ध और मानसिक दिव्यांगों के लिए संचालित अपना घर आश्रम में भी पानी भर गया। लहरा के अलावा कादरवाड़ी, बघेला, दतलाना, डिंगलेशनगर, खड़ेरी, पिलोसराय सहित अन्य ग्रामीण इलाकों तक बाढ़ का पानी आबादी में पहुंच गया।