गर्भ निरोधकों का उपयोग करने वाली महिलाओं को अक्सर यह जानकारी नहीं होती है कि कौन सी दवा उनके लिए सही है। किस गर्भ निरोधक दवा का इस्तेमाल करने से गर्भ नहीं ठहरेगा और स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। गर्भ निरोधक दवाओं के अनावश्यक इस्तेमाल से अनगिनत बीमारियों का खतरा बना रहता है।
लिवर, डायबिटीज समेत अन्य महिला रोगियों को गर्भ निरोधक दवाएं उनकी सेहत के लिहाज से दी जाएंगी। साथ ही गर्भ निरोधक संबंधी हारमोनल दवाओं की कम डोज दी जाएगी जिससे साइड इफैक्ट का खतरा न रहे। यह बात कानपुर ऑब्स एंड गायनेकोलोजिकल सोसाइटी के बैनर तले आयोजित संगोष्ठी में बताई गई।
स्वरूप नगर स्थित एक होटल में शनिवार को यह आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत के पहले पुलवामा आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। स्त्री रोग विशेषज्ञों ने इस आतंकी घटना की भर्त्सना की। मुख्य वक्ता कटक से आए स्त्री रोग विशेषज्ञों की संस्था फॉग्सी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीसी महापात्रा ने गर्भ निरोधक संबंधी नवीनतम विधियों की जानकारी दी।
मुख्य संरक्षक डॉ. मीरा अग्निहोत्री और अध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन महिला सशक्तीकरण वर्ष के तहत किया गया। महिलाओं को जानकारी होनी चाहिए कि उनके लिए कौनसी गर्भनिरोधक दवा अधिक उपयुक्त है।
कहा गया कि बिना सोचे-समझे गर्भ निरोधक दवाएं लेने से फैटी लिवर की दिक्कत हो सकती है। अगर महिला अपनी सेहत के लिहाज से दवा ले तो गर्भ भी नहीं ठहरेगा और स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। मौके पर डॉ. किन सिन्हा, डॉ. राशि मिश्रा, डॉ. किरन पांडेय, डॉ. मधु लुंबा, डॉ. रेनू टंडन, डॉ, शैली अग्रवाल, डॉ. आईजेके सोनी आदि मौजूद रहीं।