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बाहुबली विधायक अाैर उनकी पत्नी लड़ रहे जिंदगी-माैत से लड़ाई, जानिए काैन है मुख्तार अंसारी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 10 Jan 2018 09:19 AM IST
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मुख्तार अंसारी
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देश के सबसे बड़े सूबे की सियासत में अगर हलचल हाेती है ताे इसका असर पूरे देश की राजनीति पर नजर अाता है। वाे अपराधी है पर उसे लाेग अपना मसीहा भी मानते हैं। राजनीति उसे विरासत में मिली पर अपराध की दुनिया से हाेकर उसने प्रदेश में अपना एक अलग ही रूतबा कायम किया। अपराध की दुनिया से राजनीति में आये पूर्वांचल के रॉबिनहुड यानी बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी। जानिये काैन है मुख्तार अंसारी।
मुख्तार अंसारी का जन्म यूपी के गाजीपुर जिले में हुआ था
पत्नी के साथ मुख्तार अंसारी
यूपी के गाजीपुर जिले में मुख्तार अंसारी का जन्म हुआ था। उनके दादा मुख्तार अहमद अंसारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। जबकि उनके पिता एक कम्यूनिस्ट नेता थे। राजनीति मुख्तार काे विरासत में मिली थी। किशोरवस्था से ही मुख्तार निडर और दबंग थे। उन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा और सियासी राह पर चल पड़े। 1988 में पहली बार हत्या के एक मामले में मुख्तार का नाम आया था।
ठेकों की वजह से रखा अपराध की दुनिया में कदम
मुख्तार अंसारी
इस दाैरान मुख्तार के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत पुलिस नहीं जुटा पाई थी लेकिन इस बात को लेकर वह चर्चाओं में आ गए थे। 1990 का दशक मुख्तार अंसारी के लिए बड़ा अहम था। छात्र राजनीति के बाद जमीनी कारोबार और ठेकों की वजह से वह अपराध की दुनिया में कदम रख चुके थे। पूर्वांचल के मऊ, गाजीपुर, वाराणसी और जौनपुर में उनके नाम का सिक्का चलने लगा था। 1995 में मुख्तार अंसारी ने राजनीति की मुख्यधारा में कदम रखा।
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1996 में मुख्तार अंसारी पहली बार विधान सभा के लिए चुने गए
मुख्तार अंसारी
1996 में मुख्तार अंसारी पहली बार विधान सभा के लिए चुने गए। उसके बाद से ही उन्होंने ब्रजेश सिंह की सत्ता को हिलाना शुरू कर दिया। 2002 आते आते इन दोनों के गैंग ही पूर्वांचल के सबसे बड़े गिरोह बन गए। इसी दौरान एक दिन ब्रजेश सिंह ने मुख्तार अंसारी के काफिले पर हमला कराया। दोनों तरफ से गोलीबारी हुई इस हमले में मुख्तार के तीन लोग मारे गए। ब्रजेश सिंह इस हमले में घायल हो गया था। उसके मारे जाने की अफवाह थी।
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मुख्तार अंसारी पूर्वांचल में अकेले गैंग लीडर बनकर उभरे
मुख्तार अंसारी
इसके बाद बाहुबली मुख्तार अंसारी पूर्वांचल में अकेले गैंग लीडर बनकर उभरे। मुख्तार अंसारी ने गाजीपुर और मऊ क्षेत्र में चुनाव के दौरान उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए मुस्लिम वोट बैंक का सहारा लिया। एक दंगे के बाद मुख्तार अंसारी पर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने के आरोप लगे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 2007 में मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गए।