{"_id":"5f61190c609d95775950659b","slug":"vikas-dubey-kanpur-news-details-of-129-properties-of-jai-and-his-gang-handed-over-to-ed","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बिकरू कांड: आरटीआई एक्टिविस्ट बनेगा सरकारी गवाह, जय व उसके गैंग की 129 संपत्तियों का ब्योरा ईडी को सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिकरू कांड: आरटीआई एक्टिविस्ट बनेगा सरकारी गवाह, जय व उसके गैंग की 129 संपत्तियों का ब्योरा ईडी को सौंपा
Wed, 16 Sep 2020 01:29 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 16 Sep 2020 01:29 AM IST
विज्ञापन
जय बाजपेई अपनी पत्नी के साथ
- फोटो : फेसबुक
गैंगस्टर विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई, उसकी पत्नी, भाइयों व गैंग से जुड़े लोगों की 129 संपत्तियों का ब्योरा आरटीआई एक्टिविस्ट अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपा है। ईडी ने सोमवार को जय समेत 36 लोगों के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था।
जय बाजपेई पत्नी के साथ
- फोटो : फेसबुक
कहा कि जय की लक्ष्मी कार एसेसरीज, लक्ष्मी बॉडी व लक्ष्मी इलेक्ट्रिकल्स ये तीनों शोरूम वर्ष 2017 से 2019 के बीच खोले गए। जय की ज्यादातर संपत्तियां वर्ष 2017 से पूर्व या उसके आसपास खरीदी गई हैं। तब तक जय कोई व्यापार नहीं करता था।
जय बाजपेई और विकास दुबे की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इतनी जल्दी लग्जरी गाड़ियां, आवासीय मकान व संपत्तियां कैसे अर्जित कर ली गईं। सौरभ ने दो दर्जन लोगों के नामों का खुलासा कर उन पर विकास दुबे की काली कमाई सफेद करने में जय का सहयोग करने की बात कही। सौरभ ने जय के बीसी के कारोबार का भी भंडाफोड़ किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
कहा कि पहले हुई कई जांचों में जय व उसके साथी दोषी भी पाए गए हैं। ईडी, आयकर, ईओडब्लू व विजिलेंस से जांच की सिफारिश भी हुई लेकिन पहुंच के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। नजीराबाद थाने में जय की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई जिसमें उस पर 11 मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन
विकास दुबे का साथी जय बाजपेई
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा संरक्षण देने वाले कुछ पुलिसकर्मियों के नाम पर भी जय द्वारा संपत्तियां खरीदे जाने की बात कही और ऐसे पुलिसकर्मियों की संपत्तियों की जांच की मांग भी की। साथ ही शिकायती पत्र में सौरभ ने ब्रह्मनगर स्थित पूर्वोत्तर रेलवे की सरकारी जमीनों पर भी कब्जा कर करोड़ों में बेच डालने की बात कही है।