फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बिकरू कांड: एक और रिकॉर्डिंग वायरल, महिला नेता की पैरवी पर एसएसपी ने समझौता कराने को कहा

Fri, 30 Oct 2020 12:22 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Fri, 30 Oct 2020 12:22 PM IST
विज्ञापन
Vikas Dubey Case News:: Another recording of martyr DSP's mobile in Bikeru incident goes viral
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में शहीद हुए डीएसपी देवेंद्र मिश्रा के मोबाइल से गुरुवार को एक और रिकार्डिंग वायरल हुई। देवेंद्र व एक शख्स बातचीत कर रहे हैं कि चौबेपुर क्षेत्र में आठ साल की बच्ची से हुए दुष्कर्म के मामले में एसएसपी ने एसओ को समझौता कराने को कहा है।
Vikas Dubey Case News:: Another recording of martyr DSP's mobile in Bikeru incident goes viral
विकास दुबे एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने ये निर्देश एक मंत्री की पैरवी पर किए थे। 18 मिनट 16 सेकेंड की रिकार्डिंग में एक शख्स डीएसपी को बताता है कि चौबेपुर में बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था। एसएसपी ने उसे घटनास्थल पर जाने को निर्देशित किया। महिला नेता की पैरवी के बाद एसएसपी ने चौबेपुर के तत्कालीन एसओ से मामले में समझौता कराने को कहा।
Vikas Dubey Case News:: Another recording of martyr DSP's mobile in Bikeru incident goes viral
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
डीएसपी भी कहते हैं कि जब उन्होंने एसओ से केस दर्ज करने को कहा तो उसने एसएसपी साहब की समझौते वाली बात बताई। वही शख्स डीएसपी से अपने एक मामले में किसी विपक्षी पर केस दर्ज कर गुंडा एक्ट लगवाने की बात करता है। इस पर डीएसपी हामी भर देते हैं। फोन पर डीएसपी ने एक आईपीएस के चरित्र पर भी सवाल उठाए। अपशब्द कहे। दूसरी तरफ मौजूद शख्स भी हामी भरता रहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Vikas Dubey Case News:: Another recording of martyr DSP's mobile in Bikeru incident goes viral
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
एसओ इसलिए सीओ को सीओ नहीं मानता
डीएसपी कहते हैं कि चौबेपुर और शिवराजपुर एसओ सीओ की नहीं मानते हैं। क्योंकि वे एसएसपी के करीबी हैं। डीएसपी उस शख्स से इनका ट्रांसफर कराने की बात करते हैं। बातचीत में डीएसपी एक मामले का जिक्र कर पूर्व कानपुर देहात एसपी की तारीफ कर कहते हैं कि वो बहुत ईमानदार हैं। सीओ की एक रिपोर्ट पर एसओ पर कार्रवाई करते हैं पर, यहां कुछ नहीं होता है। 
(वायरल कॉल रिकॉर्डिंग की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है)
विज्ञापन
Vikas Dubey Case News:: Another recording of martyr DSP's mobile in Bikeru incident goes viral
कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
वायरल कॉल रिकॉर्डिंग
सीओ- हैलो..
बिचौलिया-  जी भइया
सीओ- 799 वाले में मैंने रिपोर्ट भेज दिया। देख लीजिए।
बिचौलिया-  सुनो यह कह रहे हैं कि वो गांव वाला प्रकरण बताया था न। वो औरत को लोग आगे करके वह बेचारा गरीब आदमी है उसका सब गेहूं भी काटे ले रहे हैं। एसडीएम की रिपोर्ट, लेखपाल की रिपोर्ट सब लगी है। बावजूद उसके लोग अराजकता कर रहे हैं।
सीओ- अरे, वो मैने एसओ को भी फोन करके बताया था। बोला था कि कराए दे रहा हूं।
बिचौलिया-  .देख लो इसमें मान सम्मान बना रहेगा
सीओ- मैं अभी कह दे रहा हूं
बिचौलिया-  न न अभी आप न कहिएगा। पता नहीं क्या आपके कहने से निगेटिव हो जाता है। क्या मामला है मुझे पता नहीं अभी। इसलिए आप अभी पैरवी न करिएगा। जब हम बतावें तब
करियेगा।
सीओ- मामला यही हो सकता है, वो रहा पीआरओ।
बिचौलिया-  अब जब आरोपी मजबूत कर लूंगा, तभी फोन कराऊंगा। पता नहीं ऐसा क्या होता है आपके फोन करने से सब निगेटिव हो जाता है। अगर आपने फोन किया मानो आग लगी। विशेषकर शिवराजपुर।
सीओ-  इसका मतलब मैं आपको बता दूं, एकदम पक्की बात है। है क्या कि एसएसपी साहब का लखनऊ में मकान बन रहा है। ये पूरा देख रेख कर रहा है। इसकी कहीं चर्चा न करियेगा। जब ये पीआरओ था तब ये उनके साथ लखनऊ आता-जाता था। एसएसपी साहब इसको अपना पर्सनल आदमी बनाए हैं। इसलिए ये सीओ को सीओ नहीं मानता है।
बिचौलिया-  आप बताओ करना क्या है। मेरी जुबान है। एसएसपी साहब के छोटे भाई हर दूसरे दिन आते हैं। हर दिन उनके साथ रहता हूं। उन्होंने कहा कि जो भी जिले में करना हो तो बताना।
सीओ- उनके भाई की बात कर रहे हो न। जो गाजियाबाद में रहता है। वो भाई की बात नहीं मानते हैं। वो केवल अपने साले पिंकी पांडेय की बात मानते हैं। वही साथ बंगले में भी रहता है।
बिचौलिया-  अच्छा।
सीओ- हां, वो किसी की नहीं मानते, जो पिंकी पांडेय कह देखा वो हो जाएगा।
बिचौलिया-  उत्तरीपुरा का झगड़ा हुआ। जो ग्राम प्रधान था वह भी हमारा भक्त है और जिसको मारा पीटा वह भी हमारा भक्त है
सीओ- अग्निहोत्री, उसका मुकदमा लिख तो गया है। यह जो नहीं है देहात का जिलाध्यक्ष उसने दबाव बनाया। उसमें 307 का मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में मेरे पास महिला नेता का फोन आया था। प्रधान की तरफ से। मैने कहा सांसद जी से बात कर लीजिए और जिलाध्यक्ष से भी बात कर लीजिए। फिर उन्होंने फोन काट दिया। पहले इसमें लूट की तहरीर दी थी। मैने कहा लूट नहीं लिखी जाएगी। तब जिलाध्यक्ष का फोन आया घटना बताई। मैने कहा जो हकीकत है वो लिखवाइए। तब 307 का लिखा गया।
बिचौलिया- इसमें आगे क्या होगा।
सीओ- खत्म हो जाएगा। एसओ तो हमारे ही अंडर में है।
बिचौलिया- ठीक
सीओ- देखिए, दो अनकंट्रोल हैं। एक चौबेपुर वाला और एक शिवराजपुर वाला।
बिचौलिया- आप नाम दो, जिसका करवा लिया था। जो अपना काम करे।
सीओ- ये चला जाए। कोई भी आए। वो काम करेगा।
बिचौलिया- हम्मम
सीओ- आज एक्रछोटा सा मामला हुआ तुम्हें बताऊं। रेप वाला। एसएसपी साहब ने मुझसे कहा मौके पर जाइए। उधर महिला नेता का भी फोन आ गया। आठ साल की बच्ची से एक ने रेप किया। गरीब आदमी था पीड़ित। पचास हजार रुपये में सब तय हो गया। लड़की की इज्जत है।
बिचौलिया- अच्छा।
सीओ- तब एसओ ने बताया कि एसएसपी ने कहा कि मामले में समझौता करवा दो। अगर मामला न संभले तो मुकदमा दर्ज कर देना। बहुत दबाव पड़ रहा है। ये बात मुझसे नहीं एसओ से एसएसपी से कही। इसी से समझो एसओ कितना खास है।
बिचौलिया- बिल्कुल सही बात। क्यों एसओ सुनेगा।
सीओ- कानपुर देहात वाले एसपी डायरेक्ट आईपीएस हैं। सीओ रिपोर्ट देते हैं अगले दिन थानेदार लाइन हाजिर हो जाता है। वो बहुत ईमानदार भी हैं।
बिचौलिया- आपके काम के लिए उनके पास (एक आईपीएस वर्तमान में एडीजी रैंक के अफसर) गया था। एक महिला सिपाही के लिए उन्होंने तत्काल बहाल करने का आदेश दिया।
सीओ- लड़की के लिए कुछ भी कर देंगे। (आईपीएस अधिकारी के बारे में कुछ अपशब्द कहे)
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed