{"_id":"5f5304192a54293aa93310d2","slug":"vikas-dubey-jai-vajpayee-s-brother-rajay-s-influence-in-police-and-politics-now-surrendered-in-court","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विकास दुबे कांड: पुलिस व राजनीति में है जय बाजपेई के भाई रजय का रसूख, अब किया कोर्ट में सरेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास दुबे कांड: पुलिस व राजनीति में है जय बाजपेई के भाई रजय का रसूख, अब किया कोर्ट में सरेंडर
Sat, 05 Sep 2020 08:58 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 05 Sep 2020 08:58 AM IST
विज्ञापन
जय बाजपेयी पत्नी श्वैता एवं विकास दुबे
- फोटो : amar ujala
विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई के तीनों भाइयों पर पुलिस ने गैंगस्टर और कुर्की की कार्रवाई के साथ इनाम भी घोषित किया था लेकिन शहर और प्रदेश पुलिस को धता बताकर लगभग एक माह से फरार चल रहे तीनों भाई कोर्ट में समर्पण करके जेल चले गए। जय की तरह ही उसके भाई रजय का रसूख भी कुछ कम नहीं है।
जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
सपा का सक्रिय सदस्य और विधायक का खास होने के नाते सपा शासन में तो उसकी तूती बोलती ही थी, भाजपा शासन में भी उसका जलवा कुछ कम नहीं रहा। आपराधिक मुकदमों के बावजूद रजय को दोनों ही शासन में एसपीओ बनाया गया था। भाजपा शासन में तो वह एस-10 का सदस्य भी रहा। एएसपी कन्नौज की जांच में पुलिस के सभी सवालों के जवाब रजय ने बड़ी बेबाकी से दिए थे।
जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
परिवार में रजय की बात का कितना महत्व है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जांच में रजय द्वारा दिए गए बयान पर ही जय समेत पांचों भाइयों ने अपनी मुहर लगा दी थी। एएसपी केसी गोस्वामी के सवालों का जवाब देते हुए रजय ने बताया था कि वह सपा में 15-16 साल से नेतागीरी कर रहा है और जय के काम देखता है। बड़े भाई अजय की बैट्री व कार एसेसरीज की दुकान है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
छोटा भाई राहुल मकानों व पुरानी गाड़ियों को बिकवाने का काम करता है जबकि शोभित एलएलबी का छात्र है। जांच के दौरान रजय ने ही परिवार की सभी सम्पत्तियों का ब्योरा भी दिया था। जय पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है लेकिन संपत्ति के मामले में वह नंबर वन है। एएसपी ने विस्तृत जांच की संस्तुति भी की थी लेकिन दो साल तक यह रिपोर्ट फाइलों में धूल चाटती रही।
विज्ञापन
विकास दुबे: जय की पत्नी श्वैता
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड के बाद जब पुलिस जागी तो एक-एक कर परतें खुलने लगीं। रजय ने खुद ही कहा था कि वह जय का कामकाज देखता है इसके बावजूद रजय के नाम पर संपत्ति का न होना, जय के काले कारनामों को पुलिसिया और राजनीतिक संरक्षण देने वाले रजय का नाम कहीं भी सामने न आना, गनर का शौक रखने वाले के नाम खुद शस्त्र लाइसेंस का न होना, फर्जी गनर रखने के मामले से रजय का साफ बच निकलना।