UPCATET 2018: टॉपर होकर भी फेल हो गए 14 छात्र, वजह ये रही
- सबसे अधिक अंक होने के बावजूद क्वालीफाइंग अंक नहीं कर पाए हासिल
- पीएचडी और परास्नातक के टॉपरों की दो बार जारी हुई सूची
- बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने जारी की टॉपरों की सूची
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टॉपर होने के बाद भी ये छात्र हुए हैं फेल
छात्र रैंक जनपद विषय
मोकक्षी मिश्रा 03 कानपुर नगर मास्टर एमएफए फॉरेस्ट्री
दिव्या पाठक 02 इटावा मास्टर एमटीएम
कुलदीप 03 इटावा मास्टर एमटीएम
रियाज अहमद 03 फैजाबाद पीएचडी पीडीए ग्रीकल्चर इकोनॉमिक्स
अमित कुमार मिश्रा 03 सुल्तानपुर पीएचडी पीडीए एग्रीकल्चर स्टेटिस्टिक
अंकित कंसल 02 हापुड़ पीएचडी पीडीए एनिमल हसबैंड्री
जानकी प्रसाद 02 गोंडा पीएचडी प्लांट साइकोलॉजी
गौरव प्रताप सिंह 03 गोंडा पीएचडी स्वॉयल कंसरवेशन एंड वॉटर मैनेजमेंट
शिवाजी पाल 02 कन्नौज पीएचडी लाइव स्टॉक प्रोडक्शन
मुस्ताक अहमद 01 अंबेडकर नगर पीएचडी वेटरनरी एंड एनिमल हसबैंड्री
विजेंद्र वर्मा 02 अंबेडकर नगर पीएचडी वेटरनरी एंड एनिमल हसबैंड्री
इसलिए हुआ बदलाव
दरअसल यूपीकैटेट के 600 अंकों के पेपर में सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए बीस प्रतिशत यानी 120 अंक क्वालीफाइंग हैं। मतलब छात्र को उत्तीर्ण होने के लिए 120 अंक हासिल करना अनिवार्य है। जबकि एससी-एसटी के लिए 10 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। डॉ. वाजपेयी के मुताबिक इन छात्रों ने परीक्षा में अन्य की अपेक्षा सबसे अधिक अंक हासिल किए लेकिन क्वालीफाइंग अंक से पीछे रह गए। इस लिहाज से अंकों के आधार पर इन्हें रैंक आवंटित की गई लेकिन ये एडमिशन के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए हैं।
कानपुर के दो छात्र टॉपरों की सूची में
कानपुर के दो छात्रों ने पीएचडी के अलग-अलग विषयों में टॉप-3 की सूची में शामिल होने में कामयाबी हासिल की है। इसमें पीएचडी एग्रीकल्चर एक्सटेंशन में अनुज तिवारी और पीएचडी फ्रूट साइंस में निहारिका वर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया है।