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UP Train Derail: शरारत की ओर इशारा कर रहे ये कई सवाल... आखिर कैसे डाउन लाइन पर पहुंचा फायर सेफ्टी सिलिंडर?
Mon, 30 Sep 2024 12:35 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 30 Sep 2024 12:35 PM IST
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UP Train News
- फोटो : अमर उजाला
झांसी-कानपुर रूट पर जिस जगह यह फायर सेफ्टी सिलिंडर मिला है, वहां से गोविंदपुरी स्टेशन की दूरी करीब 500 मीटर है। अगर सिलिंडर ट्रेन के इंजन से टकराता, तो बड़ा धमाका हो सकता था। अग्निरोधी रसायन से अग्निशमन यंत्र भरा हुआ था, जिसे आग लगने पर उपयोग में लाया जाता है। इंजन से टकराने के बाद या उस पर दबाव बढ़ने पर वह फट सकता था। पुष्पक एक्सप्रेस के लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाई और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी।
UP Train Derail
- फोटो : अमर उजाला
इसकी जांच कराई गई तो इसके गोरखपर से मुंबई जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस से गिरने का पता चला है। अब इसकी पड़ताल कराई जा रही है कि फायर सेफ्टी सिलिंडर आखिर कैसे डाउन लाइन पर पहुंचा? यह जानबूझ कर फेंका गया है या किसी की गलती से नीचे गिरा है? बहरहाल कई पहलुओं पर जांच शुरू हो गई है, जिसमें रेलवे के कैरिज एंड वैगन विभाग, आरपीएफ, जीआरपी और अन्य अनुभागों को शामिल किया गया है।
UP Train Derail
- फोटो : अमर उजाला
सभी अपनी संयुक्त रिपोर्ट देंगे। डिप्टी सीटीएम आशुतोष सिंह ने बताया कि मंडल की ओर से जांच कराई जा रही है। कई टीमें लगी हुई हैं। यह अपनी संयुक्त रिपोर्ट देगी। आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट विजय प्रकाश पंडित ने बताया कि अग्निशमन यंत्र कुशीनगर एक्सप्रेस से गिरने का पता चला है। इसके गिरने की जांच कराई जा रही है। घटना के पीछे शरारत होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शरारत की ओर इशारा कर रहे कई सवाल
पांच किलो क्षमता का अग्निशमन यंत्र आखिर ट्रेन से कैसे गिरा, इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से किसी न किसी शरारत
की ओर इशारा कर रहे हैं।
पांच किलो क्षमता का अग्निशमन यंत्र आखिर ट्रेन से कैसे गिरा, इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से किसी न किसी शरारत
की ओर इशारा कर रहे हैं।
- ट्रेन चलने से पहले सुरक्षा और व्यवस्था की जांच होती है, जिसमें अग्निशमन यंत्र भी शामिल है।
- फायर सेफ्टी सिलिंडर होल्डर से अच्छी तरह से फंसे हुए रहते हैं, बिना छेड़छाड़ के गिरने की संभावना कम है।
- फायर सेफ्टी सिलिंडर गिरने पर किसी को जानकारी क्यों नहीं हो हुई।
- एसी कोच में कोच अटेंडेंट की ड्यूटी रहती है, जिससे गिरने की आशंका न के बराबर है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर रेलवे को किया गया मैसेज
रेलवे के फायर सेफ्टी सिलिंडर में जीकेपी लिखा है। यह किस तरह से रेलवे ट्रैक पर पहुंचा, इसकी जानकारी के लिए गोरखपुर के कंट्रोल रूम को मैसेज किया गया है। पुष्पक एक्सप्रेस से थोड़ी देर पहले अप लाइन से मुंबई की ओर जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस गई थी। प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह सिलिंडर कुशीनगर एसक्सप्रेस में लगा था। ट्रैक पर कैसे पहुंचा इसकी जांच की जा रही है।
रेलवे के फायर सेफ्टी सिलिंडर में जीकेपी लिखा है। यह किस तरह से रेलवे ट्रैक पर पहुंचा, इसकी जानकारी के लिए गोरखपुर के कंट्रोल रूम को मैसेज किया गया है। पुष्पक एक्सप्रेस से थोड़ी देर पहले अप लाइन से मुंबई की ओर जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस गई थी। प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह सिलिंडर कुशीनगर एसक्सप्रेस में लगा था। ट्रैक पर कैसे पहुंचा इसकी जांच की जा रही है।