{"_id":"5f226dbc8ebc3ea071200d51","slug":"up-the-policeman-broke-his-hand-and-said-if-you-want-to-avoid-beating-then-confess-murder","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी: दरोगा ने तोड़ा हाथ फिर कहा, पिटाई से बचना है तो कबूल लो मर्डर, आपबीती सुना फफक कर रोया भाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: दरोगा ने तोड़ा हाथ फिर कहा, पिटाई से बचना है तो कबूल लो मर्डर, आपबीती सुना फफक कर रोया भाई
Thu, 30 Jul 2020 12:31 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 30 Jul 2020 12:31 PM IST
विज्ञापन
ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
कानपुर देहात अपहरण कांड में असल गुनहगार पकड़ने के बजाय पुलिस ने अपहरण होने की जानकारी पर कानपुर से पहुंचे ब्रजेश के मौसेरे और फुफेरे भाई पर खूब जुर्म ढाया। दोनों को पकड़कर पुलिस ने जमकर पीटा और कहा कि कबूल करो कि ब्रजेश की हत्या तुम्हीं लोगों ने की है। वर्ना पिटाई चलती रहेगी।
ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
पुलिसिया जुल्म की दास्तां बुधवार को अकबरपुर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे ब्रजेश के मौसेरे भाई अखिलेश ने रोते हुए बयां की। चौकी इंचार्ज की पिटाई से उसके सिर व कान मेें भी चोट आई, लेकिन खाकी का दिल नहीं पसीजा। उसने बताया कि चौकी प्रभारी ने बृजेश के फुफेरे भाई का हाथ तोड़ दिया था। ब्रजेश के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक पुलिस की जांच का दायरा सिर्फ परिजनों तक ही सीमित रहा।
ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
ब्रजेश के लापता होने की जानकारी पर उसके परिजन घर पहुंच गए तो पुलिस ने उन्हीं को निशाना बनाना शुरू कर दिया। कानपुर नगर के बिधनू थाना क्षेत्र के भूमिहर गांव निवासी मौसेरे भाई अखिलेश ने बताया कि ब्रजेश के लापता होने की जानकारी पर 17 जुलाई को चौरा गांव पहुंचा था। दूसरे दिन चौकी इंचार्ज उसे व ब्रजेश के फुफेरे भाई मुकेश को थाने ले गए। वहां उन दोनों को तीन दिनों तक रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
इस दौरान पुलिस लगातार पीटती रही। उनसे कहा जाता था कि कबूल करो की तुम्ही लोगों ने मर्डर किया है। पुलिस उनसे शव छिपाने की जगह पूछती रहती थी। आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज ने मुकेश के हाथ पर पैर रखकर मोड़ दिया था। इससे उसका हाथ टूट गया। मारपीट के बाद भी जब पुलिस को कुछ भी हासिल न हुआ तो तीन दिन बाद दोनों को 21 जुलाई को छोड़ा गया। इसके बाद मुकेश ने अस्पताल जाकर टूटे हाथ का प्लास्टर कराया। अखिलेश के सिर व कान में चोट के अभी तक निशान हैं।
विज्ञापन
ब्रजेश हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
पिता के बुढ़ापे की लाठी बनना चाहता था ब्रजेश
मृतक ब्रजेश धर्मकांटा में नौकरी करने के साथ ही बी-फार्मा की पढ़ाई भी कर रहा था। पिता शिवनाथ ने बताया कि बड़ा बेटा राजेश कानपुर में मेडिकल स्टोर किए है। उनके गैस टैंकर ड्राइवर होने के कारण छोटा बेटा ब्रजेश धर्मकांटा में नौकरी कर घर का खर्च चला रहा था। माली हालत ठीक न होने के कारण वह प्राइवेट नौकरी के साथ-साथ भोगनीपुर स्थित एचसीएचएस फार्मेसी कालेज से बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा था। पहले सेमेस्टर की परीक्षा कोरोना के कारण टल गई थी। उन्होंने रोते हुए कहा कि कई बार ब्रजेश कहा करता था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह सरकारी नौकरी करेगा।
मृतक ब्रजेश धर्मकांटा में नौकरी करने के साथ ही बी-फार्मा की पढ़ाई भी कर रहा था। पिता शिवनाथ ने बताया कि बड़ा बेटा राजेश कानपुर में मेडिकल स्टोर किए है। उनके गैस टैंकर ड्राइवर होने के कारण छोटा बेटा ब्रजेश धर्मकांटा में नौकरी कर घर का खर्च चला रहा था। माली हालत ठीक न होने के कारण वह प्राइवेट नौकरी के साथ-साथ भोगनीपुर स्थित एचसीएचएस फार्मेसी कालेज से बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा था। पहले सेमेस्टर की परीक्षा कोरोना के कारण टल गई थी। उन्होंने रोते हुए कहा कि कई बार ब्रजेश कहा करता था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह सरकारी नौकरी करेगा।