आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के पांच बजे तेज रफ्तार स्लीपर बस डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई। हादसे में बिहार के एक दरोगा व एक बंदी सहित सात लोगों की मौत हो गई जबकि 25 यात्री घायल हो गए। हादसा औरास थाना क्षेत्र के नीभाखेड़ा गांव के पास हुआ। इसकी वजह चालक को झपकी आना बताया जा रहा है।
लंबे सफर की थकान और भोर पहर का वक्त होने से बस में सवार सभी यात्री नींद में थे। यात्रियों ने सीट पर बैठकर सफर कर रहे घायल यात्रियों ने बताया कि नींद में थे तभी अचानक तेज धमाके की आवाज आई तो सभी चीख पड़े। इतना तेज झटका लगा कि संभलने का मौका नहीं मिला। ऊपर की बर्थ पर सो रहे यात्री और बैठकर सफर कर रहे यात्री एक-दूसरे पर गिर गए। जो बस में नीचे की तरफ फंसे वह जिंदा नहीं बच पाए।
2 of 13
Unnao Road Accident
- फोटो : amar ujala
दिल्ली से बलिया जा रहे ब्रजेश कुमार ने बताया कि तेज झटका लगने के बाद सभी यात्री एक-दूसरे पर गिरे और लगा किसी बस किसी गहरी खाई में फिसलती चली जा रही हो। बस की खिड़की का शीशा टूट जाने से वह किसी तरह बाहर निकल आया। इसी बीच शोर सुनकर एक्सप्रेसवे से निकल रहे कुछ वाहन चालकों ने रुक कर उनकी मदद की। कई लोगों को बाहर निकाला उनमें वह (ब्रजेश) भी शामिल है।
3 of 13
Unnao Road Accident
- फोटो : amar ujala
हादसे में मृत विदेशी गुप्ता के साथ सफर कर रहीं उनकी पत्नी बिंद्रावती ने बताया कि वह काफी दिनों बाद गोरखपुर जा रहे थे। अगले महीने परिवार में एक शादी में भी शामिल होने था। बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह भी गहरी नींद में थीं।
4 of 13
Unnao Road Accident
- फोटो : amar ujala
कुछ तेज झटके लगने और गिरने से के बाद मानो दिमाग की सोचने-समझने की शक्ति ही खत्म हो गई थी। कुछ लोगों ने निकाला,एंबुलेंस में थे तब पति के बारे में जानकारी ली, बताया गया कि उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया है, बाद में पति की मौत की जानकारी हुई।
5 of 13
Unnao Road Accident
- फोटो : amar ujala
हल्की चोटें लगने से घायलों में बहराइच के शिवमंगल, गोरखपुर के राजकुमार, दिनेश आदि ने बताया कि वह बस में दाहिनी ओर की सीट पर बैठे थे और बस बाएं तरफ पलटी। अगर वह बाएं तरफ होते तो उनका भी जिंदा बचना बचना मुश्किल था।