उन्नाव रेप कांड: शिकायती पत्रों के 222 पेज, ऑडियो क्लिप और ट्वीट से CBI खोलेगी 'कुंडली'
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उन्नाव रेप कांड मामले में न्याय के लिए पीड़ित परिवार ने बीते आठ माह में हरसंभव कोशिश की। चार माह के अंदर मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को 107 ट्वीट किए लेकिन न्याय नहीं मिला। इस बीच जब सीबीआई ने जांच आगे बढ़ाई तो दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने सीबीआई को 222 पेज के वह शिकायती पत्र सौंप दिए हैं जिन्हें उन्होंने अधिकारियों को दिए थे।
दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने भतीजी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कोशिश की। आरोपी विधायक पर कार्रवाई के लिए उसने पुलिस अधिकारियों को कई शिकायती पत्र दिए लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। चाचा के अनुसार जून 2017 में भतीजी के साथ हुई दरिंदिगी के बाद उसने माखी पुलिस, सीओ व एसपी को शिकायती पत्र दिए। सुनवाई न होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत की। शासन के पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि उसकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई।
न्याय के लिए उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया और 19 फरवरी से लेकर 3 अप्रैल के बीच में साक्ष्य सहित 107 ट्वीट किए। हालांकि शासन ने ट्वीट भी नजरअंदाज कर दिए थे। सीबीआई की जांच आगे बढ़ते ही अब चाचा ने जून 2017 से अबतक विभिन्न पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दिए गए शिकायती प्रार्थनापत्रों के अलावा कई अहम काल डिटेल भी सीबीआई के हवाले कर दी हैं। बताया जा रहा है कि चाचा ने सीबीआई को शिकायती पत्रों के 222 पेज सौंपे हैं।
भाजपा विधायक पर आरोप लगाने वाली युवती ने छह माह पूर्व उसे व उसके परिजनों को जान का खतरा जताते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। पत्र का संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय और तत्कालीन जिलाधिकारी को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि पीड़ित परिवार को समय से सुरक्षा नही दिलाई गई थी। चाचा ने सीबीआई को दिए गए पत्रों में इसका भी जिक्र किया है।