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दुश्मन को तबाह कर देगा सारंग, नाटो की तर्ज पर 155 कैलिबर की बनेगी तोप
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:48 PM IST
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कानपुर फील्डगन में सुपर रैपिड गन माउंटेन (एसआरजीएम) भी बनाई जा रही है। इसमें नेवी ने खास दिलचस्पी दिखाई है। तीन दिन पहले नेवी के एडमिरल संजय मिश्रा फैक्ट्री आए थे, उन्होंने इस पर काफी चर्चा की थी। 70 एमएम कैलिबर वाली इस गन (तोप) में एक मिनट में 120 गोले दागे जा सकते हैं।
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अभी इस गन को इटली की कंपनी से भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) आयात करती है। और नेवी को सप्लाई करती है। इसकी कीमत करीब 10-12 करोड़ आती है। फील्ड गन में बनने पर इसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ से दो करोड़ आएगी। परीक्षण के लिए एक तोप फील्डगन ने नेवी को बनाकर दी थी। जिसे नेवी ने बेहद पसंद किया है। फील्डगन के एजीएम दिनेशसिंह ने बताया कि इसमें कई नए फीचरों को जोड़ा गया है। जिससे समुद्र पानी के अवयवों से भी सुरक्षित रहेगी। ऐसा होने से गन ज्यादा समय तक चलेगी। जल्द खराब नहीं होगी।
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नाटो की तर्ज पर 155 कैलिबर की बनेगी तोप
आयुध निर्माणियां नाटो देश की तर्ज पर आयुध तैयार कर रही हैं। बताया गया कि निर्माणियां अब तोप, बैरल आदि 155 कैलिबर की बना रही हैं। 130 एमएम वाली सभी तोपों, टैंकों को 155 कैलिबर में अपग्रेड किया जा रहा है। नाटो देशों में ऐसा ही होता रहा है। ऐसा होने से एक प्रकार के ही तोप के गोले आदि बनाए जा सकेंगे। इससे अगल-अगल किस्म के गोले आदि नहीं तैयार करने पड़ेंगे। इससे उत्पादन भी तेजी से हो सकेगा।
आयुध निर्माणियां नाटो देश की तर्ज पर आयुध तैयार कर रही हैं। बताया गया कि निर्माणियां अब तोप, बैरल आदि 155 कैलिबर की बना रही हैं। 130 एमएम वाली सभी तोपों, टैंकों को 155 कैलिबर में अपग्रेड किया जा रहा है। नाटो देशों में ऐसा ही होता रहा है। ऐसा होने से एक प्रकार के ही तोप के गोले आदि बनाए जा सकेंगे। इससे अगल-अगल किस्म के गोले आदि नहीं तैयार करने पड़ेंगे। इससे उत्पादन भी तेजी से हो सकेगा।
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धनुष और सारंग कानपुर की प्राइड
तीनों निर्माणियों के महाप्रबंधकों ने धनुष और सारंग को कानपुर और देश का गौरव बताया है। उनका कहना है कि इन तोपों के दम पर सेना की ताकत में जबरदस्त बढ़ोतरी हो गई है। अभी तक सेना को 12 धनुष तोप दी जा चुकी हैं।
तीनों निर्माणियों के महाप्रबंधकों ने धनुष और सारंग को कानपुर और देश का गौरव बताया है। उनका कहना है कि इन तोपों के दम पर सेना की ताकत में जबरदस्त बढ़ोतरी हो गई है। अभी तक सेना को 12 धनुष तोप दी जा चुकी हैं।
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सेना का परीक्षण है बहुत सख्त
महाप्रबंधकों ने बताया कि सेना आयुध निर्माणियों में बने उत्पादों को बड़ा कठिन परीक्षण करती है। सारंग तोप का फाइनल परीक्षण (अन्य दो कंपनियों के मुकाबले) हो जाने के बाद सेना ने फिर से परीक्षण के लिए बुलाया था। इसमें भी सारंग खरी उतरी थी। धनुष भी सेना के मापदंडों पर खरी उतरी है।
महाप्रबंधकों ने बताया कि सेना आयुध निर्माणियों में बने उत्पादों को बड़ा कठिन परीक्षण करती है। सारंग तोप का फाइनल परीक्षण (अन्य दो कंपनियों के मुकाबले) हो जाने के बाद सेना ने फिर से परीक्षण के लिए बुलाया था। इसमें भी सारंग खरी उतरी थी। धनुष भी सेना के मापदंडों पर खरी उतरी है।