बिकरू कांड के बाद मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे ने भी पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। यह खुलासा खुद उसके नाबालिग छोटे भाई ने पुलिस की पूछताछ में किया है। उसने बताया कि जब पुलिसकर्मी भाग रहे थे तो अमर और विकास दुबे उन्हें पकड़-पकड़कर गोलियां मार रहे थे।
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बिकरू में एसआईटी की टीम
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अमर, विकास दुबे का दाहिना हाथ था। पुलिस के मुताबिक दो जुलाई की रात भी विकास के साथ अमर दुबे, प्रभात, अतुल, जिलेदार, राम सिंह यादव समेत कई गुर्गे पुलिस से सीधे मोर्चा लिए थे। अमर के छोटे भाई ने बताया कि विकास ने अमर को बुलाया था। कुछ देर बाद असलहा लेकर वह घर आया और छत पर चला गया। कुछ देर बाद ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई।
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बिकरू में रैपिड एक्शन फोर्स
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छोटे भाई ने बताया कि वारदात के बाद जब अमर घर से भाग रहा था तो उसने कहा था कि अब बात नहीं हो पाएगी। फोन बंद कर दिया है। विकास के साथ रहेंगे, परेशान न होना। पुलिस आए तो कह देना डर की वजह से भाग गया। हालांकि जांच में उसकी पत्नी, पिता व मां की भी भूमिका मिली थी। इसके बाद सभी को जेल भेजा गया था।
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एसआईटी की टीम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अमर के नाबालिग भाई से पूछताछ कर चुकी है। उसके बयान बेहद अहम हैं। पुलिस अब तफ्तीश कर रही है कि अमर के साथ वह भी था कि नहीं। साक्ष्य नहीं मिलते हैं तो पुलिस उसे गवाह भी बना सकती है।
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अमर और खुशी की शादी
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पुलिस ने अमर की नवविवाहिता पत्नी खुशी को साजिश में शामिल होने और माता-पिता को वारदात के वक्त अमर को कारतूस उपलब्ध कराने के आरोप में जेल भेजा है।