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अनुप्रिया गोयनका के संघर्ष की दास्तां: कारोबार में खाई चोट... 21 घंटे काम, अब पाया मायानगरी में मुकाम

Sun, 27 Dec 2020 03:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिव्यांश सिंह (संवाद)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिव्यांश सिंह (संवाद) Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 27 Dec 2020 03:23 PM IST
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Tales of Anupriya Goenka's struggle
अनुप्रिया गोयनका - फोटो : गूगल
वेब सीरीज क्रिमिनल जस्टिस पार्ट-2 में दमदार अभिनय के दम पर प्रशंसकों के दिलों पर राज कर रहीं बॉलीवुड अभिनेत्री अनुप्रिया गोयनका की इस सफलता के पीछे बड़ा संघर्ष है। विष्णुपुरी की अनुप्रिया के पिता को कानपुर से दिल्ली तक कारोबार में घाटा और फिर बंदी ने मुफलिसी का लंबा सफर कराया। लेकिन, इन मुश्किलों से वह हारी नहीं, बल्कि मजबूत होती गईं।


 
Tales of Anupriya Goenka's struggle
अनुप्रिया गोयनका - फोटो : गूगल
अमर उजाला से खास बातचीत में अनुप्रिया ने कानपुर से दिल्ली और वहां मायानगरी तक अपना संघर्ष साझा किया। बकौल अनुप्रिया, हम लोग विष्णुपुरी में रहते थे। वह बंगला हमें आज भी याद आता है। वुडबाइन गार्डेनिया स्कूल में कक्षा पांच तक पढ़ाई की। पापा का कपड़े का कारोबार था। धीरे-धीरे घाटा शुरू हुआ तो हम सब दिल्ली शिफ्ट हो गए। दिल्ली के साकेत स्थित ज्ञान भारती स्कूल से 10वीं की पढ़ाई के दौरान ही पापा के कारोबार में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था।

 
Tales of Anupriya Goenka's struggle
अनुप्रिया गोयनका - फोटो : गूगल
कॉलेज की पढ़ाई के दौरान मैं दिन में कारोबार में पापा का साथ देती और रात में गुरुग्राम में कॉल सेंटर में नौकरी करती। रोजाना महज तीन घंटे ही सो पाती थी। लाख कोशिशों के बाद भी पापा का कारोबार नहीं पटरी पर नहीं आया तो बंद करना पड़ा। उस समय दिल्ली में मैं ही अकेली थी, जबकि परिवार जयपुर में। यहां से हमारी मुश्किलें और बढ़ गईं। दौर शुरू हुआ पाई-पाई बचाकर आगे बढ़ने का। बचत करने के लिए मैकडोनाल्ड में जाकर पीने का पानी भरकर लाती थी। 30 रुपये की थाली का खाना या फिर ढोकला खाती। बस मन में एक ही सोच थी कि कुछ भी हो जाए, अपने मां-पापा को कुछ ऐसा करके दिखाना है, ताकि उनको अपनी बेटी पर नाज हो।

 
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अनुप्रिया गोयनका का इंटरव्यू
जब दिल्ली से मुंबई पहुंची
अनुप्रिया बताती हैं, वर्ष-2008 में नौकरी के साथ भगत सिंह कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) से बीए की पढ़ाई की और 2010 में मुंबई शिफ्ट हो गईं। कुछ दिनों बाद 25 हजार रुपये की टोकन मनी देकर ठाणे में फ्लैट बुक कराया। वर्ष-2011 में मां-पापा को यहां बुला लिया और फिर कॉल सेंटर और कारपोरेट सेक्टर में नौकरी करने लगी। इस दौरान किए गए संघर्षों आज भी याद हैं। मसलन, लोकल ट्रेन का सफर, रोजाना का खर्च हमेशा चुनौतीपूर्ण लगा। इन्हीं संघर्षों की बदौलत आज मैं इस मुकाम पर हूं। अब अनुप्रिया ने मां-पापा के लिए ठाणे में फ्लैट लिया है। खुद वर्सोवा में रहती हैं। परिवार में पिता रविंद्र कुमार गोयनका, मां पुष्पा, बड़ी बहन आशा गोयनका (विवाहित), प्रीति और भाई प्रशांत हैं।
 
 
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अनुप्रिया गोयनका - फोटो : amar ujala
ऐसा रहा फिल्मी सफर
वर्ष-2013 में अनुप्रिया ने रोहन सिप्पी के साथ एक टीवी शो शूट किया था, जो रिलीज नहीं हो सका। इसी साल प्रदीप सरकार के साथ सैनिटरी नैपकिन का विज्ञापन किया, जो कि टीवी पर प्रसारित हुआ। इसी वर्ष एक तेलुगु फिल्म में अभिनय किया। इसके बाद बॉबी जासूस फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री मिली। फिर ढिशुम, टाइगर जिंदा है, पद्मावत और वॉर समेत कई फिल्मों में अनुप्रिया के अभिनय को सराहना मिली।

 
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