{"_id":"58fcd8f44f1c1b972e8b506b","slug":"six-years-of-darkness-now-lightend-in-24-hours","type":"story","status":"publish","title_hn":"6 साल रहा अंधेरा, 24 घंटे में हुआ ‘उजाला’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
6 साल रहा अंधेरा, 24 घंटे में हुआ ‘उजाला’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 23 Apr 2017 10:22 PM IST
सार
कमिश्नर के गोद लिए गांव में बदल गया ट्रांसफार्मर
2010 से फुंका पड़ा था ट्रांसफार्मर, नहीं हुई सुनवाई
‘अमर उजाला’ ने उठाया मुद्दा, टूटी अफसरों की नींद
विज्ञापन
नीबी गांव में छह वर्षों बाद घर में जलता बल्ब दिखाता उपभोक्ता लल्ला।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कमिश्नर के गोद लिए गांव में छह सालों से छाया अंधेरा 24 घंटों में ‘उजाला’ में बदल गया। लंबे अरसे के बाद दलितों की झोपड़ी बिजली से जगमगाईं तो उनकी आंखें भी खुशी में चमक उठीं। अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से लगातार की गईं फरियादें गांव के अंधेरे को रोशनी में नहीं बदल सकीं। अब ‘अमर उजाला’ की एक पहल से गांव की बस्ती रोशन हो गई। ग्रामीण गदगद हैं।
बांदा के नरैनी क्षेत्र का नीबी गांव चित्रकूटधाम मंडलायुक्त ने गोद ले रखा है। यहां दलित बस्ती में लगा 10 केवीए का ट्रासंफार्मर वर्ष 2010 मेें फुंक गया था। तब से गांव के बाशिंदे और उपभोक्ता लगातार क्षेत्रीय नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अफसरों से ट्रांसफार्मर बदलने की फरियाद करते रहे। पर किसी ने तवज्जो नहीं दी। बिजली विभाग के अभियंता विभागीय नियम-कानून और उपभोक्ताओं पर बकाएदारी का अड़ंगा बताकर पल्ला झाड़ते रहे।
विज्ञापन
बांदा के नरैनी क्षेत्र का नीबी गांव चित्रकूटधाम मंडलायुक्त ने गोद ले रखा है। यहां दलित बस्ती में लगा 10 केवीए का ट्रासंफार्मर वर्ष 2010 मेें फुंक गया था। तब से गांव के बाशिंदे और उपभोक्ता लगातार क्षेत्रीय नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अफसरों से ट्रांसफार्मर बदलने की फरियाद करते रहे। पर किसी ने तवज्जो नहीं दी। बिजली विभाग के अभियंता विभागीय नियम-कानून और उपभोक्ताओं पर बकाएदारी का अड़ंगा बताकर पल्ला झाड़ते रहे।
विज्ञापन
बदले गए ट्रांसफार्मर के नीचे खड़े होकर स्वयंसेवी राजा भइया के साथ खुशी जताते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
छह सालों से बिजली गुल होने के बावजूद उभोक्ताओं के पास भारी भरकम रकम के बकाया बिल आते रहे। उपभोक्ता श्रीकृष्णा को 28,875 राम नारायन को 8 हजार, बाबूलाल को 23 हजार के बिल मिले हैं। इसी 18 अप्रैल को ‘अमर उजाला’ ने कमिश्नर के गोद लिए गांव की यह हैरतनाक अनदेखी को प्रमुखता से प्रकाशित किया। साथ ही मंडलायुक्त मुरली मनोहरलाल का ध्यान आकृष्ट कराया। खबर रंग लाई। मंडलायुक्त ने पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता को तत्काल ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश दिए।
24 घंटे के अंदर 19 अप्रैल को बिजली विभाग ने आनन-फानन ट्रांसफार्मर बदल दिया। छह सालों से बिल बकाएदारी और कानूनी अड़ंगे धरे रहे गए।
गांव के उपभोक्ता लल्ला पुत्र पलटू, श्रीकिशन, शिवकरण आदि के घर छह वर्षों के बाद बिजली की रोशनी से जगमग हुए तो यह सब गदगद हैं। गांव के बसंतलाल, देवराज आदि ने भी खुशी जताई। स्वयंसेवी और विद्याधाम समिति के राजाभइया ने ग्रामीणों के साथ ट्रांसफार्मर स्थल पर खुशी का प्रदर्शन किया उन्होंने बताया कि अभी कई गांवों में ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं।
24 घंटे के अंदर 19 अप्रैल को बिजली विभाग ने आनन-फानन ट्रांसफार्मर बदल दिया। छह सालों से बिल बकाएदारी और कानूनी अड़ंगे धरे रहे गए।
गांव के उपभोक्ता लल्ला पुत्र पलटू, श्रीकिशन, शिवकरण आदि के घर छह वर्षों के बाद बिजली की रोशनी से जगमग हुए तो यह सब गदगद हैं। गांव के बसंतलाल, देवराज आदि ने भी खुशी जताई। स्वयंसेवी और विद्याधाम समिति के राजाभइया ने ग्रामीणों के साथ ट्रांसफार्मर स्थल पर खुशी का प्रदर्शन किया उन्होंने बताया कि अभी कई गांवों में ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं।