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अखिलेश ने 2019 का ऐलान तो कर दिया लेकिन 'ये तलाश अभी जारी है', रूठों को मनाने में जुटी है सपा

Mon, 18 Jun 2018 08:48 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 18 Jun 2018 08:48 PM IST
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samajwadi party district executive is dissolved till now in Kannauj
अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कन्नौज से दोबारा चुनाव लड़ने की घोषणा कर विपक्षी पार्टियों को सकते में ला दिया। हालांकि मजबूत संगठन शक्ति का न होना अखिलेश के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। पिछले निकाय चुनावों में जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया था जिसे अब तक गठित नहीं किया जा सका है। ऐसे में जब तक कार्यकारिणी का गठन दोबारा नहीं हो जाता और मजबूत अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होती, तब तक सपा की जिले में स्थिति अस्पष्ट ही बनी रहेगी। 


आगे की स्लाइड में-  19 वर्षों से कब्जा जमाए समाजवादी परिवार अब रूठे लोगों को मनाने में जुटी है
samajwadi party district executive is dissolved till now in Kannauj
अखिलेश यादव
वर्ष 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट से अपनी सियासी पारी शुरू करने वाले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि तैयार करनी शुरू कर दी है। कन्नौज लोकसभा सीट पर पिछले 19 वर्षों से कब्जा जमाए समाजवादी परिवार अब रूठे लोगों को मनाने में जुटी है। छिबरामऊ विधानसभा में मुस्लिमों के कद्दावर नेता माने जाने वाले पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी, फर्रुखाबाद के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी को पार्टी में शामिल करके विरोधियों को अचरज में डाल चुके हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष लगातार जिले के लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं।


आगे की स्लाइड में-  कमान सौंपने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से राय शुमारी चल रही है
samajwadi party district executive is dissolved till now in Kannauj
अखिलेश यादव
निकाय चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिला कार्यकारिणी सहित फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया था। करीब सात माह गुजर जाने के बावजूद मुखिया के घर में अध्यक्ष की तलाश पूरी नहीं हो पाई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अध्यक्ष की कमान सौंपने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से राय शुमारी चल रही है ताकि वोट बैंक किसी भी सूरत में बिखरने न पाए। मुस्लिम, दलित व ब्राह्मण चेहरों पर दांव लगाने से पहले यह देखा जा रहा है कि सबसे अधिक वोट लोकसभा चुनाव 2019 में कौन खींच कर ला सकेगा।
आगे की स्लाइड में- पार्टी ऐसे अध्यक्ष की तलाश कर रही है
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samajwadi party district executive is dissolved till now in Kannauj
अखिलेश यादव
अब जब सपा मुखिया कन्नौज से चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में सीट पर जीत दर्ज करना पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। विपक्ष में रहने के कारण हर बात पर पार्टी की पूरी नजर है। पार्टी ऐसे अध्यक्ष की तलाश कर रही है। जिसकी छवि समाज में अच्छी हो और हर जाति वर्ग का वोट बैंक खींचने में सक्षम हो। उधर, मुस्लिम चेहरा अध्यक्ष बना रहे। इसके लिए लगातार लखनऊ की परिक्रमा जारी है। फिलहाल किसी को पार्टी ने हरी झंडी नहीं दी। पार्टी के काम पुरानी कार्यकारिणी ही देख रही है। पूर्व महासचिव संजय दुबे का कहना है कि अध्यक्ष का निर्णय मुखिया को लेना है। ऐसे अध्यक्ष की तलाश की जा रही है जिससे पार्टी कार्यकर्ता संतुष्ट हों। उम्मीद है कि जल्द ही पार्टी का नया जिलाध्यक्ष मिल सकेगा।
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