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बोली- माफ कर दीजिए साहब, लेकिन इन सिपाहियों का दिल 'रत्ती भर न पसीजा'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 04 Apr 2018 09:16 PM IST
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पुलिस महकमे के उच्चाधिकारी पुलिस कर्मियों को जनता से मित्रता जैसा व्यवहार करने और उनसे अच्छे से पेश आने की बात कहते हैं। लेकिन सिपाही है कि अपनी हठधर्मिता अपनाए हुए हैं। जिस कारण अक्सर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बुधवार को औरेया जिले के रोडवेज बस स्टैंड के सामने पुलिस गाड़ी के चालक की लापरवाही से घटना घटी, लेकिन सजा स्कूली छात्रा को भुगतनी पड़ी।
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इस समय यूनिवर्सिटी परीक्षाएं चल रही हैं। दोपहर 11 बजे से होने वाली परीक्षा देने के लिए एक छात्रा बाइक से अपने भाई शिवम निवासी गोविंद नगर के साथ अनुराधा त्रिपाठी डिग्री कॉलेज में एमए फाइनल का पेपर देने जा रही थी। लगभग 11 बजे रोडवेज बस स्टैंड के सामने यूपी 100 की इनोवा गाड़ी के चालक ने अचानक गाड़ी ब्रह्मनगर की ओर मोड़ दी। तभी शिवम की बाइक गाड़ी से टकरा गई।
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इस घटना में न तो शिवम घायल हुआ और न ही गाड़ी में किसी तरह का स्क्रेच आया। फिर भी पुलिस गाड़ी से उतरे सिपाहियों ने शिवम को थप्पड़ मारे और उसे पास के एक दुकान में बैठा लिया। शिवम और उसकी बहन ने सिपाहियों की काफी मन्नतें की और पेपर छूट जाने की बात कही लेकिन सिपाहियों का दिल नहीं पसीजा। अंत में लोगों के कहने पर पुलिस कर्मी शिवम को पास की एक दुकान में बैठा कर चले गए। जबकि छात्रा पैदल ही कॉलेज लगभग पौन घंटे देरी से पेपर देने पहुंची।
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मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो गलती पुलिस गाड़ी के चालक की थी। इसके बाद भी युवक को परेशान किया। युवक को परेशान केवल रुपये ऐंठने के लिए किया गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गलती पुलिस गाड़ी के चालक की थी। अब बोलने की हिम्मत खाकी वर्दी के सामने किसी में नहीं थी। तो वह लोग सिर्फ सिपाहियों द्वारा धमकाते, मारते और उनके गाली गलौज करते देखते रहे।