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जल्द ही आपकी जेब से गायब हो सकता है 2000 का नोट, ये है वजह
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:04 PM IST
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कानपुरः दो हजार रुपये के नोट का चलन दिन पर दिन कम होगा। रिजर्व बैंक ने आठ माह पहले ही इसकी छपाई बंद कर दी है। केंद्रीय बैंक का पूरा फोकस अब दो सौ रुपये के नोट पर है। निकट भविष्य में न सिर्फ दो सौ रुपये की करेंसी का चलन बढ़ेगा, बल्कि सभी एटीएम इसके लिए रीकैलिब्रेट किए जाएंगे।
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दरअसल, नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने करेंसी की किल्लत खत्म करने के लिए दो हजार रुपये के नोटों की बंपर सप्लाई की थी। नतीजा ये हुआ कि किल्लत तो कम हुई, लेकिन लोगों की तिजोरी में पहुंचे नोट वापस नहीं आए। यह स्थिति नोटबंदी के छह माह बाद ही स्पष्ट हो चुकी थी। अप्रैल 2017 में अमर उजाला ने बैंकों की पड़ताल के बाद खुलासा किया था कि दो हजार रुपये के नोट बैंकों में लौट नहीं रहे हैं। रिजर्व बैंक ने नोटों की जमाखोरी को स्वीकार किया और जुलाई 2017 में दो हजार रुपये के नोटों की आपूर्ति ठप कर दी। बैंकों के सूत्र बताते हैं कि रिजर्व बैंक ने अगस्त 2017 से दो हजार रुपये के नोट बैंकों को नहीं दिए।
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ये छोटे नोट और सिक्कों का दौर
पंजाब नेशनल बैंक के एक बड़े अधिकारी बताते हैं कि रिजर्व बैंक को इस बात की सूचना है कि दो हजार रुपये के नोटों की जमाखोरी हो रही है। इस वजह से बड़ी करेंसी के चलन पर अंकुश लगाने की तैयारी की जा रही है। रिजर्व बैंक की योजना है कि बाजार में करेंसी बनी रहे, लेकिन उसका मूल्य कम हो। यानी नकद लेनदेन में ज्यादा कीमत के बजाय नोटों की संख्या ज्यादा हो। इससे लोग डिजिटल लेनदेन के प्रति प्रभावित होंगे। बाजार में अब बड़े नोटों के बजाय छोटे नोटों और सिक्कों का दौर लौटेगा।
पंजाब नेशनल बैंक के एक बड़े अधिकारी बताते हैं कि रिजर्व बैंक को इस बात की सूचना है कि दो हजार रुपये के नोटों की जमाखोरी हो रही है। इस वजह से बड़ी करेंसी के चलन पर अंकुश लगाने की तैयारी की जा रही है। रिजर्व बैंक की योजना है कि बाजार में करेंसी बनी रहे, लेकिन उसका मूल्य कम हो। यानी नकद लेनदेन में ज्यादा कीमत के बजाय नोटों की संख्या ज्यादा हो। इससे लोग डिजिटल लेनदेन के प्रति प्रभावित होंगे। बाजार में अब बड़े नोटों के बजाय छोटे नोटों और सिक्कों का दौर लौटेगा।
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200 के नोट के लिए 20 फीसदी एटीएम तैयार
शहर में विभिन्न बैंकों के 1100 एटीएम हैं। इनमें से 20 फीसदी एटीएम बूथों को 200 रुपये के नोट के लिए तैयार किया जा चुका है। अगले चार माह में 50 फीसदी एटीएम बूथों में 200 रुपये के नोट निकाले जा सकेंगे। रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार सभी बैंक अपने एटीएम नई करेंसी के माफिक तैयार कर रहे हैं। कहा तो ये भी जा रहा है कि चुनिंदा एटीएम बूथों में ही दो हजार रुपये के नोट निकल सकेंगे। अधिकतर एटीएम में 500, 200 और 100 रुपये ही नोट मिलेंगे।
शहर में विभिन्न बैंकों के 1100 एटीएम हैं। इनमें से 20 फीसदी एटीएम बूथों को 200 रुपये के नोट के लिए तैयार किया जा चुका है। अगले चार माह में 50 फीसदी एटीएम बूथों में 200 रुपये के नोट निकाले जा सकेंगे। रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार सभी बैंक अपने एटीएम नई करेंसी के माफिक तैयार कर रहे हैं। कहा तो ये भी जा रहा है कि चुनिंदा एटीएम बूथों में ही दो हजार रुपये के नोट निकल सकेंगे। अधिकतर एटीएम में 500, 200 और 100 रुपये ही नोट मिलेंगे।
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शहर में 200 करोड़ के सिक्के
कम कीमत वाली छोटी मुद्रा को बढ़ावा देने की दिशा में रिजर्व बैंक ने अपने प्रयास एक साल पहले ही शुरू कर दिए थे। नोटबंदी के बाद बाजार में सिक्कों की अधिकता बढ़ गई थी। बावजूद इसके रिजर्व बैंक ने बीते एक साल में बाजार में करीब 80 करोड़ रुपये के सिक्के और झोंक दिए। अब न चाहते हुए भी व्यक्ति इन सिक्कों का इस्तेमाल कर रहा है।
कम कीमत वाली छोटी मुद्रा को बढ़ावा देने की दिशा में रिजर्व बैंक ने अपने प्रयास एक साल पहले ही शुरू कर दिए थे। नोटबंदी के बाद बाजार में सिक्कों की अधिकता बढ़ गई थी। बावजूद इसके रिजर्व बैंक ने बीते एक साल में बाजार में करीब 80 करोड़ रुपये के सिक्के और झोंक दिए। अब न चाहते हुए भी व्यक्ति इन सिक्कों का इस्तेमाल कर रहा है।