त्रिपुरा में भाजपा की जीत के पीछे एक कनपुरिया दिमाग छाया हुुअा है। भाजपा की इस जीत काे 2019 के रण का अागाज माना जा रहा है। त्रिपुरा में भाजपा की जीत में कानपुर का मैनेजमेंट जमकर चला है। जानिए उस शख्स के बारे में जिसने त्रिपुरा की राजनीति काे हिला कर रख दिया है।
त्रिपुरा में भाजपा की जीत मे बर्रा बाईपास निवासी इलेक्शन कैंपेनर रजत सेठी की अहम भूमिका रही। रजत सेठी भाजपा के कैंपेनिंग हेड हैं। वीके सेठी और नलिनी सेठी के बेटे रजत सेठी ने आईआईटी खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में एम टेक किया था। इसके बाद दो साल वह अपनी कंपनी बनाकर काम करते रहे। हॉवर्ड यूनिवर्सिटी यूएसए से मास्टर इन पब्लिक एडमिनेस्ट्रेशन किया।
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त्रिपुरा में मना जीत का जश्न
इसके बाद एमबीए इन फाइनेंस किया। फिर रजत सेठी को जंब ग्लोबल कंसल्टेट कंपनी में दो करोड़ सालाना का जॉब मिल गया। इस दौरान उन्होंने यूएसए में भारतीय समुदाय पर आयोजित एक कार्यक्रम का जिम्मा संभाला। 2015 में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव हॉवर्ड यूनिवर्सिटी लेक्चर देने पहुंचे तो रजत सेठी की मुलाकात उनसे हुई। राम माधव के प्रस्ताव पर उन्होंने भाजपा के इलेक्शन कंपनर बनने की सहमति दे दी।
यहां आकर असम विधानसभा के चुनाव में भाजपा के चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाला और सफलता मिली। इसके बाद रजत सेठी ने मणिपुर में भाजपा के प्रचार का जिम्मा संभालते हुए सफलता दिलाई। अब त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की है। त्रिपुरा में भी प्रचार का जिम्मा रजत सेठी पर ही था। रजत सेठी बहन पारुल एमटेक करने के बाद बंगलुरू में जॉब कर रही हैं।