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आतंकी जलीस की कॉल डिटेल में मिले टांडा के दो कारोबारियों के नंबर, सुरक्षा एजेंसियों की है नजर
Sun, 09 Feb 2020 07:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 09 Feb 2020 07:35 AM IST
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पुलिस की कैद में आतंकी जलीस अंसारी
- फोटो : अमर उजाला
आतंकी जलीस अंसारी उर्फ डॉक्टर बम के संपर्क में टांडा के दो कारोबारी भी थे। डॉक्टर बम के मोबाइल नंबर की काल डिटेल से खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां कारोबारियों की गतिविधियों की निगरानी कर रही है। जल्द दोनों से पूछताछ हो सकती है।
आतंकी जलीस अंसारी, उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह
- फोटो : अमर उजाला
1993 सीरियल ब्लास्ट का आरोपी जलीस अंसारी अजमेर जेल में सजा काट रहा था। 21 दिन की पैरोल के दौरान वह फरार हो गया था। मुंबई एटीएस के इनपुट पर यूपी एसटीएफ ने 17 जनवरी को जलीस को फेथफुल गंज से गिरफ्तार किया था। एटीएस ट्रांजिट रिमांड पर जलीस को लेकर मुंबई चली गई थी। तब से वह मुंबई सेंट्रल जेल में है। सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ करने के साथ ही उसके मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगालने में जुटी हैं।
एसटीएफ द्वारा पकड़ा गया आतंकी जलीस
- फोटो : अमर उजाला
पैरोल पर आने के बाद से ही हो रही थी बात
सूत्रों के मुताबिक पैरोल मिलने के बाद से जलीस ने मोबाइल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। जलीस की कॉल डिटेल में टांडा के दो कारोबारियों के नंबर मिले हैं। दोनों से लगातार उसकी बातचीत हो रही थी। पकड़े जाने से पहले भी उन नंबरों पर उसकी बातचीत हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक पैरोल मिलने के बाद से जलीस ने मोबाइल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। जलीस की कॉल डिटेल में टांडा के दो कारोबारियों के नंबर मिले हैं। दोनों से लगातार उसकी बातचीत हो रही थी। पकड़े जाने से पहले भी उन नंबरों पर उसकी बातचीत हुई थी।
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आतंकी जलीस को ले जाती एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से दोनों नंबर बंद हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि कहीं जलीस के साथ किसी साजिश में तो ये भी नहीं शामिल हैं। फंडिंग करने में मदद करने का भी शक है। आशंका ये भी है कि कानपुर के बाद जलीस टांडा भी जाने वाला था।
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कानपुर में दहशत फैलाने की थी साजिश
- फोटो : अमर उजाला
कयूम का नहीं लगा सुराग
जलीस फेथफुलगंज निवासी अपने पुराने साथी कयूम से मिलने आया था। कयूम का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। शुरुआत में सुरक्षा एजेंसियों का कहना था कि कयूम कानपुर में ही है। अब उसके बाहर भाग जाने की आशंका बढ़ गई है। उसका मोबाइल शुरू से ही बंद है। ऐसे में उसको ट्रेस कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां उसके पुराने ठिकानों पर उसकी तलाश कर रही है।
जलीस फेथफुलगंज निवासी अपने पुराने साथी कयूम से मिलने आया था। कयूम का अभी तक सुराग नहीं लग सका है। शुरुआत में सुरक्षा एजेंसियों का कहना था कि कयूम कानपुर में ही है। अब उसके बाहर भाग जाने की आशंका बढ़ गई है। उसका मोबाइल शुरू से ही बंद है। ऐसे में उसको ट्रेस कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां उसके पुराने ठिकानों पर उसकी तलाश कर रही है।