इश्क जब सिर चढ़ कर बाेलता है ताे कुछ नजर नहीं अाता है नजर अाती है ताे बस माेहब्बत। कुछ एेसा ही हाल अाैरैया के रहने वाले एक प्रेमी जाेड़े का हुअा। परिवार के इंकार के बाद भी दाेनाें ने मंदिर में जाकर शादी कर ली। इसके बाद दाेनाें के परिवाराें काे हार मानकर उनका रिश्ता तैयार करना पड़ा।
मजबूरी दिखाकर किया था शादी से इंकार
बहादुरपुर गांव निवासी शशी देवी पुत्री नत्थू सिंह की शादी औरैया के मोहल्ला पढ़ीन दरवाजा निवासी राम उर्फ रामगोपाल से तय हुई थी। जिसमें दोनों लोगों के परिजनों की रजामंदी शामिल थी। इसी बीच शादी की तिथि तय होनी थी कि तभी लड़की पक्ष की ओर से शादी को लेकर कुछ मजबूरी दिखाकर शादी से इनकार कर दिया गया।
दोनों ने मंगला काली मंदिर में जाकर कर ली शादी
शादी के सपने संजोए बैठे युवक-युवती को यह बात नागवार लगी। जिस पर दोनों शादी करने की जिद पर अड़ गए। इसके बाद दोनों ने मंगला काली मंदिर में जाकर शादी कर ली। जब यह बात दोनों के परिजनों को पता चली तो वह भी मंदिर पहुुंच गए।
परिजनों को दोनों की जिद के आगे हार माननी पड़ी
परिजन जब वहां पहुंचे तब तक दोनों ने शादी की रस्में पूरी कर ली थी। परिजनों को दोनों की जिद के आगे हार माननी पड़ी। भविष्य में किसी भी समस्या से बचने के लिए दोनों ने कोतवाली पहुंचकर कागजी कार्रवाई पूरी की।