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खाट पर भालू करेंगे आराम, हनी कॉम्ब से चाटेंगे शहद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 22 Jul 2017 07:36 PM IST
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इटावा सफारी में होगा जंगल जैसा माहौल
सफारी पार्क के भालुओं को जंगल जैसा माहौल देने की तैयारी की जा रही है। भालू सफारी में वाटर होल बनाने के साथ ही भालुओं के लेटने के लिए हनी कांब, झूले, चारपाई, पथरीली गुफाएं तैयार की जा चुकी हैं। यहां दिन भर भालू मौज-मस्ती कर सकेंगे। पर्यटकों भी यहां भालुओं को देख सकेंगे।
इटावा सफारी में होगा जंगल जैसा माहौल
ऐसे मिलेगा शहद का लुत्फ
शहद भालुओं की पसंदीदा चीज है। यही कारण है कि भालू सफारी में तीन हनी कांब भी लगाए गए हैं। ये लकड़ी के छोटे पोल की तरह हैं, जिसमें चारों ओर छोटे-छोटे छिद्र हैं। इसे एक बार शहद से भरा जाएगा। भालू इनसे धीरे-धीरे निकलने वाले शहद को चाटकर पूरा लुत्फ ले सकेंगे।
शहद भालुओं की पसंदीदा चीज है। यही कारण है कि भालू सफारी में तीन हनी कांब भी लगाए गए हैं। ये लकड़ी के छोटे पोल की तरह हैं, जिसमें चारों ओर छोटे-छोटे छिद्र हैं। इसे एक बार शहद से भरा जाएगा। भालू इनसे धीरे-धीरे निकलने वाले शहद को चाटकर पूरा लुत्फ ले सकेंगे।
इटावा सफारी में होगा जंगल जैसा माहौल
बोए जाएंगे आलू और शकरकंद
भालुओं को दो बार मनपसंद खाना दिया जाएगा। भालूू खोजी प्रवृत्ति का होता है। वह सूंघने की शक्ति से जंगल में जमीन के नीचे दबे भोजन को भी खोदकर ढूंढ़ लेता है। इसको देखते हुए भालू सफारी में जगह-जगह आलू, शकरकंद की बुवाई की जाएगी। भालू को कद्दू भी पसंद है। इसे भी बोया जाएगा।
भालुओं को दो बार मनपसंद खाना दिया जाएगा। भालूू खोजी प्रवृत्ति का होता है। वह सूंघने की शक्ति से जंगल में जमीन के नीचे दबे भोजन को भी खोदकर ढूंढ़ लेता है। इसको देखते हुए भालू सफारी में जगह-जगह आलू, शकरकंद की बुवाई की जाएगी। भालू को कद्दू भी पसंद है। इसे भी बोया जाएगा।
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इटावा सफारी में भालू
विशेषज्ञों की मदद से किए गए इंतजाम: डायरेक्टर
इटावा सफारी पार्क के डायरेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि भालू सफारी क ो बेहतर बनाने की जिम्मेदारी रिटायर्ड एएसएफ आरबी उत्तम और सहायक वन संरक्षक एनआर सिंह को सौंपी गई है। आरबी उत्तम बायोलॉजिस्ट के रूप में सफारी में कार्य कर रहे हैं और लगभग सफारी को तैयार किया जा चुका है। श्री सिंह का कहना है कि उनका प्रयास होगा कि भालुओं को अगस्त-सितंबर तक सफारी में शिफ्ट कर दिया जाए।
इटावा सफारी पार्क के डायरेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि भालू सफारी क ो बेहतर बनाने की जिम्मेदारी रिटायर्ड एएसएफ आरबी उत्तम और सहायक वन संरक्षक एनआर सिंह को सौंपी गई है। आरबी उत्तम बायोलॉजिस्ट के रूप में सफारी में कार्य कर रहे हैं और लगभग सफारी को तैयार किया जा चुका है। श्री सिंह का कहना है कि उनका प्रयास होगा कि भालुओं को अगस्त-सितंबर तक सफारी में शिफ्ट कर दिया जाए।