तीन जून को कानपुर की नई सड़क पर हुए बवाल के मामले में मास्टर माइंड जफर हयात हाशमी की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी ने दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। बवाल की फंडिंग के आरोप में बेकनगंज निवासी बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। कई बार नोटिस के बावजूद वह एसआईटी के सामने पेश नहीं हो रहा था। बुधवार को कर्नलगंज थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी सूत्रों के अनुसार रिमांड पर लिए गए जफर हयात हाशमी ने मुख्तार बाबा, बिल्डर हाजी वसी और दो अन्य बिल्डरों के नाम का खुलासा किया था, जिनपर बवाल में फंडिंग का आरोप है। अगले 48 घंटे में कई और रसूखदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। बाजार बंदी के बहाने पुलिस को टारगेट करके पर्दे के पीछे से कई रसूखदारों ने हिंसा की साजिश रची थी। इस मामले में पुलिस जफर हयात हाशमी, सुफियान, राहिल और जावेद को जेल भेज चुकी है।
शहर में एनआईए का डेरा
मुख्तार बाबा का पाकिस्तान कनेक्शन मिला है। एनआईए ने शहर में डेरा डाल लिया है।
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Kanpur Violence
- फोटो : अमर उजाला
दो बार रिमांड पर लेकर आरोपियों से एसआईटी पूछताछ कर चुकी है। मुख्तार बाबा की गिरफ्तारी की भनक लगते ही मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में एलआईयू और पुलिस सक्रिय कर दी गई है।
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ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि एसआईटी की जांच में मुख्तार बाबा का हिंसा में संलिप्त होने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर हिरासत में लिया गया है।
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उधर, कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल का कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे आकाओं से जुड़ रहा है। बवाल के दौरान एक फोन नंबर से लगातार पाकिस्तान में कॉल चल रही थी। वह नंबर हिस्ट्रीशीटर अतीक खिचड़ी का था। अतीक बवाल के बाद से फरार है।
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एसआईटी को उसका कनेक्शन बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा से भी मिल रहा है। एसआईटी की जांच में अब तक दो बिंदु सामने आए हैं। पहला, उपद्रव की साजिश नूपुर शर्मा की टिप्पणी को लेकर भारत की विश्व पटल पर बदनामी कराने को रची गई थी।