कानपुर के कल्याणपुर के रतन आर्बिट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या कितनी निर्मम तरीके से की गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने इसकी खौफनाक तस्वीर सामने ला दी। हत्यारोपी ने कारोबारी के गले से लेकर पैरों तक 26 से ज्यादा चाकू से गहरे वार किए। सांस नली के साथ हाथ की नस भी कटी मिली। चोटों की स्थिति देखकर माना जा रहा है कि कारोबारी ने जान बचाने के लिए संघर्ष किया लेकिन हमलावरों ने लगातार वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार बाएं गाल, नाक और गले पर चाकू के छह गहरे घाव मिले। सीने के दाएं हिस्से में करीब पांच और बाएं हिस्से में भी पांच गहरे निशान मिले। छाती के नीचे और पेट पर दो-दो गहरे घाव थे। बाएं हाथ की हथेली पर चाकू से बड़ा कट मिला। अंगुली, कोहनी और हथेली पर भी कट मिले। जांघ से नीचे पैर तक धारदार हथियार के वार के निशान पाए गए। डॉक्टरों के मुताबिक अधिक खून बहने और गंभीर चोटों के चलते कारोबारी की मौत हुई है।
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कानपुर में दवा कारोबारी का कत्ल, मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन पीढ़ियों से दवा का कारोबार, टॉप पांच कारोबारियों में शामिल
कानपुर दवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष और यूपी रिटेल केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आरसीडीए) के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सैनी ने बताया कि विनीत कानपुर के टॉप पांच दवा कारोबारियों में शामिल थे। उनका परिवार तीन पीढ़ियों से दवा कारोबार कर रहा है।
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दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले उनके पिता ने कारोबार संभाला। इसके बाद विनीत और अब उनका बेटा सुब्रत कारोबार देख रहा है। राजेंद्र सैनी के अनुसार बिरहाना रोड दवा मार्केट में वर्ष 1968 से उनकी फार्मा ट्रेडर्स के नाम से दुकान है। उन्होंने विनीत की नृशंस हत्या को निंदनीय बताया। घटना के बाद से दवा कारोबारियों में सुरक्षा को लेकर गुस्सा है।
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कानपुर में दवा कारोबारी का कत्ल, सीसीटीवी में कैद आरोपी
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कर्मचारी बोले- सैलरी से एक रुपया तक नहीं काटा
विनीत की फर्म में करीब 22 कर्मचारी काम करते हैं। हत्या की जानकारी मिलते ही आदित्य, अनुराग समेत कई कर्मचारी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। कर्मचारियों ने बताया कि मालिक विनीत ने आज तक किसी की सैलरी से एक रुपया तक नहीं काटा। वह बेहद हंसमुख स्वभाव के थे। उनकी डांट में भी हंसी और अपनापन झलकता था।
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कानपुर में दवा कारोबारी का कत्ल, मौके पर पहुंची पुलिस
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मेरा बेटा क्यों सो गया, उसे उठाओ
विनीत का शव अंतिम संस्कार के लिए भैरवघाट पर ले जाया गया। वहां बेटे का शव देखते ही उनकी बुजुर्ग मां चंचल बिलख पड़ीं। वह बार-बार कहती रहीं, मेरे विनीत को ले आओ...मेरा बेटा क्यों सो गया, उठाओ। मां की यह करुण पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। विनीत के छोटे भाई पुनीत नवाबगंज के सिग्नेचर सिटी में रहते हैं। माल रोड पर उनकी लैपटॉप की दुकान है। उन्होंने बताया कि वह लोग गहरे सदमे में हैं।