यूपी के कानपुर के सेन पश्चिम पारा के तुलसियापुर में पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाले चेतराम को जुए और सट्टे का लती बताया जा रहा है। इसी लत के चलते वह कर्जदार हो गया था। कर्जे के चक्कर में पहले घर और फिर एक बीघा खेत तक बेचना पड़ा। पुलिस को उसके मोबाइल में सट्टे आदि से जुड़े कई साक्ष्य मिले हैं।
मृतक चेतराम के बड़े भाई रामबाबू ने बताया कि वह कर्ज चुकाने के लिए काफी परेशान था। कुछ दिन पहले उसने उन्हें बताया था कि गांव के ही एक युवक से कर्जा लिया है। उसे चुकाने के लिए उसके पास नकद रुपये नहीं हैं। ऐसे में जमीन ही बेचनी पड़ेगी। कर्जा देने वाला युवक उनकी जमीन खरीदने को तैयार है।
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रोते बिलखते परिजन
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हाल ही में हुई मुलाकात में उसने एक बीघा खेत बेचने की बात कही थी। उसने बताया कि इस पर पिता अयोध्या प्रसाद ने बीते सप्ताह 12 लाख रुपये में एक बीघा खेत उसी युवक को बेच दिया। उसने कर्ज वाले 4.5 लाख रुपये काटने के बाद शेष 7.10 लाख रुपये दे दिए। इसमें से 4.90 लाख रुपये चेतराम के बैंक खाते और 2.60 लाख रुपये नकद दिए थे।
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बंदूक की जांच करती फॉरेंसिक टीम
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फरवरी 2025 में बेच दिया था मकान
इससे पहले चेतराम ने फरवरी 2025 में आवास विकास हंसपुरम वाला मकान बेच दिया था। उसने मकान की बिक्री से मिले रुपयों से तुलसियापुर में जमीन खरीदकर घर बनवाया था। पुलिस मृतक के मोबाइल को कब्जे में लेकर ऑनलाइन लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
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जानकारी देता बड़ा भाई
- फोटो : amar ujala
भाई की पत्नी मिलने से मना करती थी
बाबूराम ने बताया कि भाई चेतराम की ससुराल पाल्हेपुर नरवल में है। चेतराम की पत्नी सुनीता पुलिस वाले की बेटी थी। उसके पिता बृजपाल पुलिस में दीवान थे। शादी के बाद से ही दोनों परिवारों के बीच मनमुटाव रहता था।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
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सुनीता पति को उन लोगों से मिलने से मना करती थी। यही वजह थी कि 2024 में जब चेतराम ने बेटी प्रीति का मेरठ में विवाह किया था। वह चाहकर भी उन लोगों को नहीं बुला पाया। दंपती में अक्सर विवाद होता था।