कानपुर के काकादेव में साईं निवास गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं का अश्लील वीडियो बनाने के मामले में पुलिस ने हॉस्टल के केयर टेकर मनोज पांडेय और वार्डन सीमा पाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी ऋषि की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस ने शुक्रवार को तीनों आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुए एमएमएस कांड की तरह कानपुर में भी काकादेव कोचिंग मंडी के एक गर्ल्स हॉस्टल में एमएमएस कांड हुआ है।
हॉस्टल के एक कर्मचारी ऋषि को गुरुवार को छात्राओं ने एक छात्रा का नहाते हुए वीडियो बनाते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोप है कि शिकायत पर वार्डेन सीमा पाल ने मामले को दबाने का प्रयास किया। विरोध पर छात्राओं को धमकी दी। इससे नाराज छात्राओं ने जमकर हंगामा किया और पुलिस को जानकारी दी।
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- फोटो : अमर उजाला
छात्राओं का आरोप है कि मौके पर पहुंची ने ऋषि का मोबाइल वापस कर दिया था, जिसके बाद उसने सारे अश्लील वीडियो व फोटो डिलीट कर दिए थे। हंगामे के बाद हॉस्टल का केयर टेकर मनोज पांडेय और वार्डन सीमा मौके से फरार हो गए थे, जिसे पुलिस ने शुक्रवार को दबोच लिया।
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फर्जी तरीके से लगाया था एसपी की नेम प्लेट
हॉस्टल के बाहर सुरेंद्र नाथ तिवारी, पुलिस अधीक्षक कानपुर के नाम का बोर्ड लगा हुआ था, जो वर्तमान में बुलंदशहर में एसपी सिटी हैं। पुलिस ने नेम प्लेट को लेकर जब जांच शुरू की, तो पता चला कि मनोज पांडेय ने सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण दिखने के लिए गलत तरीके से एसपी के नाम का बोर्ड लगाया था।
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इस संबंध में एसीपी कल्याणपुर का कहना है कि पुलिस अधिकारी से बात की जा रही है। यदि कोई शिकायत उनके द्वारा की जाती है। एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि पुलिस अधिकारी सोमानी परिचित हैं।
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सोमानी परिवार से किराए पर लिया था मकान
पुलिस की जांच में पता चला कि जिस मकान में गर्ल्स हॉस्टल का संचालन किया जाता था। उसका मालिकाना हक सोमानी परिवार के पास है। जिनसे हास्टल के संचालक मनोज पांडेय ने किराए पर अनुबंध के साथ लिया था। यहां वो छात्रावास का संचालन कर रहा था।