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संजीत अपहरण हत्याकांड: आरोपियों ने एक ही फर्जी आईडी से खरीदे थे तीन सिम, जरा सी चूक से खुला राज
Fri, 31 Jul 2020 09:03 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 31 Jul 2020 09:03 AM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
संजीत का अपहरण करने से पहले ही शातिरों ने पुलिस से बचने की पूरी तैयारी कर ली थी। यही वजह थी कि आरोपियों ने तीन सिम खरीदे थे। चूक बस यहीं हो गई कि एक ही फर्जी आईडी पर तीन सिम खरीदे गए। पुलिस को इसका पता संजीत की कॉल डिटेल से मिले नंबर और परिजनों के फोन पर आने वाली फिरौती की कॉल से लगा। कुलदीप गोस्वामी ने ही फर्जी आईडी पर लिए गए सिम के नंबर से 22 जून की रात संजीत को फोन कर मौज-मस्ती का लालच देकर बुलाया।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद रतनलाल नगर स्थित किराये के मकान में संजीत को बंधक बनाकर रखा गया। रामादेवी में संजीत की बाइक को ईशु ने ठिकाने लगाया। रिमांड पर लिए गए आरोपी पनकी कच्ची बस्ती निवासी कुलदीप ने पुलिस को बताया कि नीलू के दोस्त चीता ने तीनों सिम व मोबाइल की व्यवस्था चकरपुर मंडी के पास स्थित मोबाइल की दुकान से कराई थी।
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
22 जून को संजीत का अपहरण करने के बाद एक सिम सिम्मी को सौंप दिया गया था। वह सचेंडी का रहने वाला है। इसलिए परिजनों और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सिम्मी को लगाया गया था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। सिमी कुलदीप के पास रहे फर्जी आईडी के नंबर पर ही कॉल कर सारी जानकारियों उपलब्ध करा रहा था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
झाड़ियों में फेंका था मोबाइल
ईशु ने पुलिस को बताया कि संजीत को धनवंतरि अस्पताल के पास स्थित एक गुमटी पर मिलने को बुलाया गया था। ज्ञानेंद्र की कार से संजीत को किराये के मकान पर लाया गया। नशे की वजह से संजीत के बेहोश होते रामजी को बाइक का लालच जगा। संजीत का मोबाइल ठिकाने लगाने की बात बोल कर वह रामादेवी चला गया। यहां से संजीत की बाइक उठाई और रामादेवी में हाईवे किनारे झाड़ियों में संजीत का मोबाइल फेंक दिया।
ईशु ने पुलिस को बताया कि संजीत को धनवंतरि अस्पताल के पास स्थित एक गुमटी पर मिलने को बुलाया गया था। ज्ञानेंद्र की कार से संजीत को किराये के मकान पर लाया गया। नशे की वजह से संजीत के बेहोश होते रामजी को बाइक का लालच जगा। संजीत का मोबाइल ठिकाने लगाने की बात बोल कर वह रामादेवी चला गया। यहां से संजीत की बाइक उठाई और रामादेवी में हाईवे किनारे झाड़ियों में संजीत का मोबाइल फेंक दिया।
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जानकारी देती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
27 जून को संजीत की मौत होने के बाद उसका शव पांडु नदी में ठिकाने लगाया। मकान में रुकने के लिए सिर्फ दो चादर और एक गद्दा रखा गया था, जिसे गुजैनी हाईवे किनारे स्थित शराब गोदाम के बाहर फेंक दिया गया। 13 जुलाई को फिरौती मिलने के बाद बैग और फिरौती मांगने में इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल व सिम बर्रा चार स्थित रफाका नाले में हाईवे किनारे फेंक दिया।