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Kanpur Encounter: हथकड़ी पहनाने पर सिपाही से बोला था विकास दुबे, बिकरू में होते तोे जिंदा जला देता
Wed, 15 Jul 2020 02:09 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 15 Jul 2020 02:09 AM IST
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kanpur encounter news
- फोटो : amar ujala
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दहशतगर्द विकास दुबे पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद भी बेखौफ था। उज्जैन में गिरफ्तारी के दौरान हथकड़ी पहनाते वक्त सिपाही से उसने विरोध किया और हथकड़ी पहनने से मना कर दिया। जब सिपाही ने जबरन हथकड़ी पहनाई तो पुलिस अधिकारियों के सामने बोला था कि बिकरू में होते तो जिंदा फूंक देता।
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ये सुनकर सभी हैरान रह गए। उसको एक दो थप्पड़ भी जड़े। विकास के वकील सुप्रीम कोर्ट में सीधे याचिका दायर करने की फिराक में थे। विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर लाने वाली टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश में सार्वजनिक गिरफ्तारी देने के बाद से वो बेफिक्र था। उसे यकीन था कि अब वो नहीं मारा जाएगा। इसलिए पुलिसकर्मियों से अभद्रता कर रहा था। जो पूछा जा रहा था, उसका घुमाकर जवाब दे रहा था। उसके चहरे पर दहशत नहीं नजर आ रही थी।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस मुझे पकड़ नहीं पाई
यूपी पुलिस ने जब विकास को अपने सुपुर्द लिया था तो उसने कहा था कि हथकड़ी इसलिए नहीं पहनूंगा क्योंकि पुलिस मुझे पकड़ नहीं पाई है। मैंने खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया है। विकास का कहना था कि जब तक वो चाहता था फरार रहता, कोई नहीं पकड़ पाता। रास्ते भर एसटीएफ ने उससे पूछताछ की लेकिन वो उनको हनक में लेने का प्रयास करता रहा। मंत्री, विधायकों और पुलिस अधिकारियों के नाम बताए। दावा किया वो लोग उसके साथ हैं। उसे बचा लेंगे।
यूपी पुलिस ने जब विकास को अपने सुपुर्द लिया था तो उसने कहा था कि हथकड़ी इसलिए नहीं पहनूंगा क्योंकि पुलिस मुझे पकड़ नहीं पाई है। मैंने खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया है। विकास का कहना था कि जब तक वो चाहता था फरार रहता, कोई नहीं पकड़ पाता। रास्ते भर एसटीएफ ने उससे पूछताछ की लेकिन वो उनको हनक में लेने का प्रयास करता रहा। मंत्री, विधायकों और पुलिस अधिकारियों के नाम बताए। दावा किया वो लोग उसके साथ हैं। उसे बचा लेंगे।
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि दो जुलाई की रात को विकास के गांव बिकरू दबिश डालने गई पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया।
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वहीं यूपी एसटीएफ ने विकास के 12 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नौ जुलाई की सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास की कार पलट गई। इस दौरान उसने सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की पर पुलिस ने मुठभेड़ में विकास को भी मार गिराया। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी और जांच आयोग का गठन हुआ है।