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अटक गई नवविवाहिता खुशी की रिहाई, बिकरू कांड रचने की साजिश में गई थी जेल, शादी के दस दिन बाद हुई थी विधवा

Thu, 16 Jul 2020 02:51 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Thu, 16 Jul 2020 02:51 AM IST
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Kanpur Encounter: Amar's wife Khushi was sent to jail after her husband was killed,
kanpur encounter - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में जेल भेजी गई नवविवाहिता खुशी की रिहाई फंस गई है। विवेचक बदलने और कई अन्य महिलाओं के साजिश में शामिल होने के साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने नए सिरे से खुशी की भूमिका की जांच शुरू की है। अब अगर उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलते हैं तो पुलिस उसको जेल से रिहा कराएगी।


 
Kanpur Encounter: Amar's wife Khushi was sent to jail after her husband was killed,
kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
इसमें सप्ताह भर का समय लग सकता है। बिकरू गांव कांड के आरोपी बदमाश अमर दुबे को हमीरपुर में एसटीएफ ने मार गिराया था। पुलिस ने उसकी पत्नी खुशी को भी साजिश में शामिल होने के आरोप में जेल भेज दिया था। जांच में पता चला था कि अमर और खुशी की शादी 29 जून को हुई थी।

Kanpur Encounter: Amar's wife Khushi was sent to jail after her husband was killed,
अमर दुबे की विधवा पत्नी खुशी - फोटो : amar ujala
तीस तारीख को वो बिकरू पहुंची इसके दो दिन बाद वारदात को गई। ऐसे में उसमें उसकी भूमिका नहीं मिल रही है। खुद आलाधिकारियों का भी ये कहना था कि खुशी बेगुनाह है। मगर मंगलवार को आरोपी बदमाश शशिकांत की पत्नी मनु की एक के बाद एक तीन कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हो गईं।

 
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Kanpur Encounter: Amar's wife Khushi was sent to jail after her husband was killed,
kanpur encounter - फोटो : amar ujala
इसके बाद वो जांच के घेरे में आ गई थी। पूरी तरह से साजिश में शामिल होने के साक्ष्य मिले। इसलिए अब एसएसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि महिलाओं की भूमिका जांच के दौरान मिल रही है। इसलिए खुशी की भूमिका की जांच नए सिरे से कराई जा रही है।

 
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Kanpur Encounter: Amar's wife Khushi was sent to jail after her husband was killed,
अमर दुबे (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विवेचक भी बदले हैं तो वो भी इसकी समीक्षा करेंगे। उसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल अभी तक पुलिस बिकरू गांव में खुशी की मौजूदगी के अलावा कोई अन्य साक्ष्य नहीं जुटा सकी है। गांव में ससुराल है तो लोकेशन वहीं पर होना लाजमी है।
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