कानपुर में हत्या के आरोपी पिता शशिरंजन को नौबस्ता पुलिस घटनास्थल पर ले कर पहुंची तो वहां आरोपी का सामना पत्नी रेशमा से हुआ। पत्नी आरोपी पति को देखते ही बिफर पड़ीं। बोलीं- क्या मिल गया मेरी बच्चियों को मारकर। अरे ज्यादा गुस्सा था तो मुझे मार देते या खुद को मार लेते। उन मासूम बच्चियों को मारते समय तुम्हारे हाथ क्यों नहीं कांपे। भूल गया कैसे दिन-भर पापा-पापा कहते बच्चियां तेरे आगे पीछे घूमती रहती थीं।
मैं इतने दिनों के लिए मायके गई थीं, तब भी तो वह तेरे पास बनी रही थीं। तू इतना पत्थरदिल कैसे हो गया। क्या मिल गया तुझे मार कर और क्यूं मारा मेरी बच्चियों को। इस पर पुलिस की हथकड़ियों में जकड़े आरोपी ने कहा कि जब गला दबाया तो लगा कि ऑक्सीजन दिमाग तक न पहुंची और बच्चियां जिंदा रह गईं तो कोमा में जा सकती हैं या पैरालिसिस का शिकार बन सकती हैं।
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आरोपी पिता और रिद्धी और सिद्धी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में उनका मरना ही बेहतर होता, इसलिए चापड़ रखकर हथौड़ा मार दिया। बोला- मरना तो खुद भी चाहता था लेकिन हिम्मत नहीं पड़ी। हत्यारोपी ने जेल जाने से पहले बेटे को देखने की इच्छा जताई तो पत्नी ने उसे अपने पीछे छिपा लिया।
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रोती बिलखती जुड़वां बच्चियों की मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद रेशमा ने इंस्पेक्टर बहादुर सिंह से हाथ जोड़कर कहा कि साहब इस दरिंदे को ले जाओ। इसे फांसी ही देना, इसने मेरी बच्चियां मुझसे छीन ली हैं। इसके बाद पुलिस आरोपी को लेकर रवाना हो गई।
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आरोपी पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बहुत गुस्सैल और झगड़ालू है शशिरंजन
शशिरंजन बेहद गुस्सैल और झगड़ालू है। उसकी अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों से भी अक्सर लड़ाई होती थी। यही वजह है कि जब रविवार सुबह लोगों को उसके द्वारा बेटियों की हत्या करने की बात पता चली तो कोई उसके घर तक नहीं आया। रेशमा से तहरीर लिखने को कहा तो उसने इन्कार कर दिया।
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आरोपी पति के खिलाफ एफआईआर कराती बच्च्यिों के मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बोली, वह ज्यादा हिंदी लिखना ज्यादा नहीं जानती है। पुलिस ने पड़ोसियों से मदद के लिए कहा तो सभी ने इन्कार कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि शशिकांत रोज शराब पीकर गालीगलौज करता था। अपार्टमेंट में रहने वाले एक परिवार से विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।