कानपुर देहात में दिवाली के त्योहार पर घर से दूर न जाना पड़े इसलिए जरिहा के एक ही परिवार के छह लोगों ने रनियां में काम खोजा। पहले दिन काम करने के दौरान फैक्टरी में आग लग जाने से सभी गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टर ने दो की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें उर्सला रेफर कर दिया।
खुशियों को आग: दिवाली मनाने के लिए फैक्टरी में शुरू किया काम, पहले ही दिन धुआं-धुआं अरमान…बिलखते रहे परिजन
पहली बार काम करने के लिए फैक्टरी में गए थे
वहीं, सुरेंद्र (23) पुत्र श्यामलाल गुजरात के बड़ोदरा में फर्टिलाइजर कंपनी में काम करता था। वह 12 सितंबर को घर लौटा था। चारों युवक घर पर दिवाली मनाने के लिए काम पर नहीं जा रहे थे। इस बीच आर्थिक तंगी से निपटने के लिए वह काम की तलाश कर रहे थे। रनियां निवासी ठेकेदार से संपर्क में आने पर चारों पहली बार काम करने के लिए शुक्रवार को गद्दा फैक्टरी में गए थे।
शिफ्ट खत्म होने का इंतजार कर रहे थे सभी
शनिवार सुबह साढ़े छह बजे वह तैयार किए गद्दों को गोदाम में रख कर शिफ्ट खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। चारों अपने साथी विशाल, अजीत के साथ बाहरी हिस्से की ओर थे, तभी धमाके से आग लगी और झुलस गए। इमरजेंसी में मौजूद डॉ. निशांत पाठक ने बताया कि विशाल, अजीत को गंभीर हालत में पहले रेफर किया गया। वहीं, बाद में रवि को दोपहर बाद रेफर कर दिया गया है।
अपनों का हाल जानने के लिए बिलखते रहे परिजन
फोम गद्दा फैक्टरी में आग लगने व अंदर कई ठेका मजदूर फंसे होने की जानकारी मिलते ही बरौर, रूरा, गजनेर क्षेत्र के गांव से ग्रामीण व परिजन जा पहुंचे। परिजन अपनों का हाल जानने के लिए बेताब रहे। जिन्हें पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने ढांढस बंधाया। फैक्टरी के अंदर मनोज, लवकुश व प्रांशू के फंसे होने की जानकारी पर सबसे बुरा हाल इन्हीं के परिवार के लोगों का रहा। जबकि कई अन्य मजूदरों के परिजन जानकारी लेने पहुंचे। मगर उन्हें पता चला कि शेष घायल अस्पताल भेज दिए गए तो ज्यादातर लोग अस्पताल की आेर रवाना हो गए। वहीं काफी संख्या में लोग कुछ और मजदूरों के फंसे होने की आशंका जता फैक्टरी गेट के बाहर डटे रहे।
मनोज व संजय को शनिवार को लेना था किराये पर कमरा
रूरा थाना क्षेत्र के मुड़रा श्याही निवासी संजय अपने छोटे भाई मनोज के साथ एक दिन पहले ही काम के लिए आए थे। शनिवार को दोनों को फैक्टरी के बाहर शिवनाथपुरवा में मकान तलाशना था। संजय के सकुशल बच जाने व मनोज के अंदर फंसकर जलने व देर शाम शव मिलने के बाद मां रामश्री, बड़े भाई अमित, बहन गुड्डी, नीलम, रजनी, राजाबेटी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बहनोई महेंद्र ने बताया कि अमित की शादी हो गई है। ससुर रामखिलावन की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। सभी बहनों की शादी हो गई है। मां व परिवार के भरणपोषण की जिम्मेदारी मनोज व संदीप पर थी।