कन्नौज जिले में रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर करीब 2:20 बजे भीषण हादसा हो गया था। दरअसल, नवीन स्टेशन के लिए बनाए गए ढांचे पर लिंटर डालते समय शटरिंग टूटने से लिंटर भरभराकर गिर गया था। रविवार दोपहर तक रेलवे स्टेशन पर मलबा पूरी तरह साफ हो चुका है। मौके पर कोई भी मजदूर नहीं मिला। इस तरह हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।
मलबे से सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है। सुबह एनडीआरएफ की टीम वापस लौट गई। रविवार दोपहर आरपीएफ के आईजी घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की और मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। प्लेटफॉर्म पर चारों ओर बेरीकेडिंग कर दी गई है।
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- फोटो : amar ujala
शटरिंग टूटने से लिंटर भरभराकर गिर गया था
डीआरम भी सुबह निरीक्षण के बाद बरेली लौट गईं। बता दें कि कन्नौज जिले में रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर करीब 2:20 बजे भीषण हादसा हो गया था। नवीन स्टेशन के लिए बनाए गए ढांचे पर लिंटर डालते समय शटरिंग टूटने से लिंटर भरभराकर गिर गया था। हादसे में 40 से अधिक मजदूर दब गए। देर शाम तक मलबे से 26 मजदूरों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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13.50 करोड़ से स्टेशन का किया जा रहा है कायाकल्प
आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीन घायलों को केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया था। लिंटर गिरते ही ठेकेदार मौके से फरार हो गया था। मलबे में करीब 14 मजदूरों के दबे होने की आशंका था। देर रात तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा है। मौके पर प्रशासन और रेलवे के आला अधिकारी डटे हुए थे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 13.50 करोड़ रुपये से स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है।
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7500 वर्ग फीट में डाला जा रहा था लिंटर
प्रथम चरण में यात्री प्रतीक्षालय, बुकिंग हाल व शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए कंक्रीट का 40 फीट ऊंचा ढांचा तैयार कर लिया गया है। इसी पर 7500 वर्ग फीट में लिंटर डाला जा रहा था। निर्माण कार्य जनपद देवरिया की आशुतोष इंटरप्राइजेज कंपनी कर रही है। हादसे के वक्त ठेकेदार रामविलास रॉय मौजूद था, लेकिन मौका देखकर वह भाग निकला।
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रेलवे ने दुर्घटना सहायता स्पेशल ट्रेन को भेजा था
आरपीएफ उसकी तलाश में जुटी है। मजदूरों ने बताया कि पिछले तीन दिन से स्टेशन के भवन पर लिंटर डालने का काम चल रहा था। शनिवार दोपहर शटरिंग टूटने से हादसा हो गया। हादसे के बाद ठेकेदार मौके से भाग निकला। देर शाम रेलवे ने दुर्घटना सहायता स्पेशल ट्रेन को स्टेशन पर भेजा था। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीम भी मजदूरों को मलबे से निकालने में जुटी रही।