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विकास दुबे एनकाउंटर पर न्यायिक आयोग की टीम ने पूछे सवाल तो उड़ गए पुलिस अधिकारियों के होश
Sun, 30 Aug 2020 08:22 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 30 Aug 2020 08:22 AM IST
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न्यायिक आयोग ने पूछे विकास दुबे एनकाउंटर पर सवाल
- फोटो : amar ujala
विकास दुबे कांड की जांच करने आई न्यायिक आयोग की टीम ने एनकाउंटर के हर पहलू पर पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की। टीम वारदात स्थल के बाद एक-एक करके एनकाउंटर स्थलों पर पहुंची। एनकाउंटर में शामिल रहे पुलिस कर्मियों सेे पूछताछ की। टीम के सवालों से पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। जांच आयोग ने विकास दुबे के एनकाउंटर में पुलिस की गाड़ी पलटने वाली जगह भौंती हाइवे का मुआयना किया।
मौके पर पहुंची तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने एसटीएफ की टीम से पूछा कि हाइवे इतना चौड़ा होने के बाद भी पुलिस की गाड़ी डिवाइडर पर कैसे चढ़ गई और पलट गई। इस हाइवे पर तो तीन गाड़ियां एक साथ ओवरटेक कर सकती हैं। इस पर एसटीएफ की टीम ने जवाब दिया कि बारिश के कारण सड़क दिखाई नहीं दी और गाड़ी काफी किनारे आ गई, आगे वाला पहिया अचानक डिवाइडर पर चढ़ा और गाड़ी पलट गई।
मौके पर पहुंची तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
फिर पूछा कि गाड़ी पलटने पर सबसे पहले कौन बाहर निकला। एसटीएफ के दरोगा से पूछा कि आपकी पिस्टल जो छीनी गई थी उसमें कितनी गोलियां थीं। दरोगा ने जवाब दिया दस। इसपर टीम ने कहा एनकाउंटर के बाद उसमें कितनी गोली मिलीं। दरोगा ने कहा एक। उन्होंने बताया कि विकास ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। कांशीराम निवादा गांव पहुंची न्यायिक आयोग की टीम ने आईजी मोहित अग्रवाल और पूर्व एसएसपी दिनेश कुमार से पूछा कि आपको कैसे पता चला कि बिकरू कांड में शामिल दो बदमाश यहां छुपे हुए थे।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
आईजी ने बताया कि पुलिस को कुछ संदिग्ध नंबर मिले थे जिन्हें सर्विलांस पर लिया गया था। सर्विलांस और मुखबिरों के जरिए लोकेशन पुख्ता हुई थी। पुलिस जब वहां पहुंची तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों मारे गए थे। फिर आयोग सदस्यों ने पूछा कि कैसे किया था एनकाउंटर। जिसपर उन्होंने बताया कि बदमाशों को चारों तरफ से पुलिस ने घेर लिया था। इसके लिए चार टीमों को लगाया गया था।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
निवादा गांव के बाद आयोग की टीम पनकी कूड़ा प्लांट पहुंची जहां प्रभात मिश्रा का एनकाउंटर हुआ था। करीब 20 मिनट तक वारदात स्थल का मुआयना करने के बाद आयोग ने प्रभात के एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों से पूछा कि एनकाउंटर में कितने सिपाही घायल हुए थे। इसपर पुलिस ने दो सिपाही घायल होने की जानकारी दी।