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पारले, कोलगेट पामोलिव और जेके सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू, ये है वजह

Tue, 06 Mar 2018 11:09 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 06 Mar 2018 11:09 AM IST
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Investigation against big indian companies parle colgate and jk cement
बिक्री में नहीं आई कमी लेकिन अपेक्षाकृत कम जमा हुआ रिटर्न
जीएसटी की आड़ में पारले जी बिस्कुट, कोलगेट पामोलिव और जेके सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियों ने पिछले वर्षों की तुलना में कम टैक्स जमा किया है। तीनों कंपनियों की ओर से दाखिल टैक्स में 40 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि इनकी बिक्री में कोई कमी नहीं आई है। इस कारण ये तीनों कंपनियां जांच के दायरे में आ गई हैं। स्टेट जीएसटी मुख्यालय ने इसे टैक्स चोरी मानकर जांच के आदेश दिए हैं। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

 

निष्क्रियता पर अफसरों को भी लगी फटकार

Investigation against big indian companies parle colgate and jk cement
स्टेट जीएसटी मुख्यालय ने इसे टैक्स चोरी मानकर जांच के आदेश दिए
स्टेट जीएसटी मुख्यालय अपने स्तर पर भी प्रदेश की बड़ी कंपनियों के रिटर्न की जांच करवा रही है। रैंडम जांच में सामने आया है कि शहर में पारले जी बिस्कुट, कोलगेट पामोलिव और जेके सीमेंट बनाने वाली कंपनियों ने इन उत्पादों के मद में बहुत कम टैक्स जमा किया है। ये तीनों कंपनियां स्टेट जीएसटी के कानपुर कार्यालय में रजिस्टर्ड हैं। जेके सीमेंट कारपोरेट विंग में रजिस्टर्ड है जबकि पारले जी और कोलगेट पामोलिव खंड कार्यालयों में रजिस्टर्ड हैं। इन कंपनियों के रिटर्न की समय पर जांच न हो पाने पर कमिश्नर ने शहर के अफसरों को फटकार लगाई है। 
 

अन्य कंपनियों के रिटर्न की समीक्षा के भी आदेश 

Investigation against big indian companies parle colgate and jk cement
रिटर्न की मानीटरिंग में निष्क्रियता पर अफसरों को भी लगी फटकार
जीएसटी की आड़ में कम टैक्स जमा करने के मामले में अन्य कंपनियां भी संदेह के घेरे में हैं। एडिशनल कमिश्नर पीके मिश्र का कहना है कि इन तीनों बड़ी कंपनियों के रिटर्न की जांच के अलावा अन्य फर्मों और कंपनियों के रिटर्न की भी समीक्षा शुरू की गई है। कमिश्नर ने कहा है कि कानपुर जोनल कार्यालय में बड़ी कंपनियों के रिटर्न की मॉनीटरिंग में निष्क्रियता बरती जा रही है। मुख्यालय के निर्देशानुसार देखा जाएगा कि इन कंपनियों के कारोबार में ऐसा क्या बदलाव हुआ जिसकी वजह से रिटर्न में इतनी भारी गिरावट हुई। यदि कोई खास तथ्य नहीं मिले तो टैक्स चोरी मानकर कार्रवाई की जाएगी। 
 
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इस तरह हो रही टैक्स चोरी

Investigation against big indian companies parle colgate and jk cement
बिक्री में नहीं आई कमी लेकिन अपेक्षाकृत कम जमा हुआ रिटर्न
जीएसटी की आड़ में इन दिनों टैक्स चोरी चरम पर है। बाजार में मंदी का हवाला देकर उद्यमी उत्पादन और बिक्री का आंकड़ा कम दिखा रहे हैं। हकीकत ये है कि बाजार में मांग यथावत है। बिक्री भरपूर है। बावजूद इसके बीते वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस बार टैक्स जमा नहीं हो रहा है। जीएसटी आधारित बिलिंग का प्रतिशत भी बहुत कम है। सरकार का मानना है कि जीएसटी की पेचीदगियों को समझने के लिए दी गई राहत का कुछ लोग नाजायज फायदा उठा रहे हैं। न तो पब्लिक को राहत मिल रही है न ही सरकार को राजस्व। 
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